एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच जापान और ब्रिटेन ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सहयोग तेज करने पर सहमति जताई। यह समझौता ऐसे समय हुआ है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक और तकनीकी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने टोक्यो दौरे के दौरान कहा कि दुनिया इस समय भू-राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी झटकों से गुजर रही है। उन्होंने जापान की नेता साने ताकाइची के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए नई “साइबर स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” शुरू करने पर सहमति बनाई है।
चीन को लेकर बढ़ती चिंता
जापान को हाल के समय में चीन के साथ बढ़ते तनाव का सामना करना पड़ा है। खासकर ताइवान को लेकर संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वशासित द्वीप बताता है। ऐसे हालात में जापान अपने सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने में जुटा है।
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साइबर सुरक्षा पर खास जोर
विशेषज्ञों ने जापान की साइबर सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता जताई थी, खासकर तब जब देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है और अमेरिका सहित सहयोगी देशों के साथ नजदीकी बढ़ा रहा है। नई साझेदारी का उद्देश्य डिजिटल हमलों से बचाव, आर्थिक ढांचे की सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना है।
महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन पर फोकस
साने ताकाइची ने कहा कि वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर बढ़ती पाबंदियों को देखते हुए समान विचारधारा वाले देशों के लिए साथ काम करना जरूरी हो गया है। इन खनिजों में रेयर अर्थ तत्व शामिल हैं, जो आर्थिक और सैन्य मजबूती के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं। दोनों देशों ने सप्लाई चेन को विविध और भरोसेमंद बनाने पर सहमति जताई।
इंडो-पैसिफिक में साझेदारी मजबूत
जापान का प्रमुख संधि सहयोगी अमेरिका है, लेकिन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता के बीच वह ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ रिश्ते मजबूत कर रहा है। दोनों देशों ने मुक्त और भरोसेमंद बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को समर्थन देने, ट्रांस-पैसिफिक साझेदारी को विस्तार देने और यूरोपीय संघ के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। ताकाइची ने उम्मीद जताई कि जापान-ब्रिटेन संबंध आने वाले समय में और ऊंचाई पर पहुंचेंगे।
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