चीन से तनाव के बीचजापान और वियतनाम दोनों देशों ने शनिवार को रक्षा उपकरण और तकनीक समझौता किया। जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी के अनुसार इस समझौते के बाद दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास से भी अपने रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाएंगे और सैन्य नौकाओं के आदान-प्रदान पर बात होगी।
जापान अब वियतनाम को रक्षा उपकरण और तकनीक मुहैया करवा सकेगा। इसके लिए शनिवार को दोनों देशों ने समझौता किया। खास बात है कि यह समझौता चीन के बढ़ते सैन्य तनाव के बीच किया गया। वियतनाम 11वां ऐसा देश है, जिससे जापान ने सैन्य समझौता किया। इस दौरान जापान ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि दक्षिण व पूर्वी चीन सागर में किसी एक देश द्वारा जबरन अपनी गतिविधियां बढ़ाने या तनाव पैदा करने का विरोध किया जाएगा।
विज्ञापन
चीन से तनाव के बीच दोनों देश रक्षा उपकरण व तकनीक मुहैया करवाने पर हुए राजी
जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी के अनुसार इस समझौते के बाद दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास से भी अपने रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाएंगे और सैन्य नौकाओं के आदान-प्रदान पर बात होगी। दोनों देश क्षेत्र में समुद्री या वायु मार्गों को स्वतंत्र रखने पर जोर देंगे।
जापान आरोप लगाता रहा है कि चीन उसके नियंत्रण वाले सेनकाकू द्वीप के निकट अपनी नौसैनिक मौजूदगी से तनाव बढ़ा रहा है। चीन इन द्वीप पर अपना अधिकार बताता है। उल्लेखनीय है कि इसी समझौते के बीच चीनी विदेश मंत्री यांग यी भी वियतनाम की यात्रा पर हैं। उन्हाेंने वियतनाम में 30 लाख कोविड टीके मुहैया करवाने का वादा किया।
विज्ञापन
जापान ने चीनी सबमरीन की गतिविधियां पकड़ी
जापान ने अपने द्वीप अमामियोशिमा के निकट चीनी सबमरीन की मौजूदगी पकड़ी है। अंतरराष्ट्रीय कानूनाें के अनुसार किसी देश की सबमरीन दूसरे देश के तटीय क्षेत्र के पास से गुजरती है तो उसे समुद्र सतह पर आकर अपने ध्वज दर्शाने होते हैं। हालांकि ताजा घटना का क्षेत्र जापान का नहीं है, लेकिन उसके रक्षा मंत्रालय ने रविवार का कहा कि पूर्वी चीन सागर में चीन अपना सैन्य दखल बढ़ा रहा है। चीन ने इन गतिविधियों को अपने समुद्री क्षेत्र की रक्षा तैयारियों का हिस्सा बताया।