सऊदी के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में पांच दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई और तीन अन्य दोषियों को 24 साल जेल की सजा मिली है। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोमवार को आरोपियों को सुनाई गई सजा का स्वागत किया, और फैसले को न्याय प्राप्त करने में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस भयानक अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने में यह एक महत्वपूर्ण कदम है, और हम सऊदी अरब को निष्पक्ष और पारदर्शी न्यायिक प्रक्रिया के साथ इस काम को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
सऊदी के सरकारी वकील के कार्यालय ने कहा कि पिछले साल तुर्की में वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में एक सऊदी अदालत द्वारा पांच लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी, जबकि तीन अन्य को 24 साल जेल की सजा दी गई।
सऊदी शासन के मुखर आलोचक खशोगी की पिछले साल दो अक्तूबर को तुर्की में स्थित सऊदी दूतावास हत्या कर दी गई थी। खशोगी वहां अपनी पहली पत्नी से तलाक लेने के लिए कागजी कार्रवाई करने के लिए गए थे। उनकी हत्या के बाद दुनिया में सऊदी के प्रति आक्रोश पैदा हो गया था। वहीं, इस घटना के बाद सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की उदार छवि वाली प्रतिष्ठा को चोट भी पहुंची थी।
खशोगी हत्याकांड में सऊदी अरब पर दबाव
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूह ने सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी हत्या के लिए न्याय की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि खशोगी की हत्या के एक साल बाद भी सऊदी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई सार्थक जवाबदेही नहीं मिली है।
इसके बाद दो अक्तूबर को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सलमान ने कहा था, मैं पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं क्योंकि यह मेरी निगरानी में हुआ। अमेरिका में रह रहे पत्रकार और लेखक की हत्या के बाद प्रिंस पर काफी अंतरराष्ट्रीय दबाव था।