Bangladesh: बांग्लादेश में आम चुनावों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच जमात-ए-इस्लामी ने ढाका में अपना पहला बड़ा और अकेला शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमें लाखों समर्थकों की भीड़ जुटी। इस दौरान पार्टी प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा कि हम न ही वसूली और भ्रष्टाचार को स्वीकार करेंगे और न ही इसे बर्दाश्त करेंगे।
बांग्लादेश में आम चुनाव को लेकर अटकलें तेज हो रही है। इसी बीच बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने शनिवार को ढाका के सुहरावर्दी उद्यान में अपना पहला बड़ा अकेला रैली आयोजित किया। इस रैली में देश भर से लाखों समर्थक पहुंचे। यह रैली पिछले साल प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पद छोड़ने के बाद बदले राजनीतिक माहौल में हुई पहली बड़ी पार्टी रैली थी।
देश में न्याय होना जरूरी है-रहमान
रहमान ने 2006 के अक्तूबर से शुरू हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि उन सभी के खिलाफ जो जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ देश में न्याय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसे मुकदमे नहीं होंगे, तब तक बांग्लादेश पुराने सिस्टम के तहत आगे नहीं बढ़ सकता। बताया गया कि शेख हसीना की सरकार ने अपनी सत्ता खोने से कुछ दिन पहले इस पार्टी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन बाद में प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की अस्थायी सरकार ने यह प्रतिबंध हटा लिया।
जबरन वसूली के खिलाफ आंदोलन चलाने का ऐलान
इसी दौरान शफीकुर रहमान ने भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के खिलाफ आंदोलन चलाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हम वसूली और भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करेंगे और न ही इसे सहेंगे। अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई, तो कोई भी सांसद या मंत्री सरकारी खजाने का दुरुपयोग नहीं करेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पार्टी का एक बड़ा एजेंडा राष्ट्रीय चुनावों में अनुपातात्मक प्रतिनिधित्व (प्रोपोरशनल रिप्रेजेंटेशन) प्रणाली लागू करना है। इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल्ला मोहम्मद ताहेर ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक हालात में यह चुनाव प्रणाली सबसे उपयुक्त है।
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पांच लाख से ज्यादा लोग हुए शामिल
राजनीतिक लेखक शमसुद्दीन अहमद पईरा ने कहा कि तब से लेकर 1971 की आजादी के बाद जमात अपनी कोई बड़ी रैली राजधानी में आयोजित नहीं कर सकी, केवल छोटे-छोटे अनियोजित प्रदर्शन करती रही है। यह रैली जमात-ए-इस्लामी के राजनीतिक फिर से सक्रिय होने का संकेत मानी जा रही है।