भारत ने गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इससे मुकाबला करने के लिए ‘ठोस कार्रवाई’ जरूरी है। रविवार को भारत ने 120 देशों के समूह से कहा कि वह आतंकवाद से निपटने के लिए प्रभावी सहयोग सुनिश्चित करे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि आतंकवाद आज मानवाधिकारों के उल्लंघन के सबसे प्रबल स्रोतों में से एक है और इसका इस्तेमाल सरकारी नीति के एक अस्त्र के तौर पर किया जाना भी समान रूप से निंदनीय है।
अंसारी ने ब्लॉक की समग्र बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि ‘हमारा आंदोलन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ठोस कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित करे।’ उन्होंने कहा, ‘हमें हमारे आंदोलन के भीतर एक ऐसी व्यवस्था स्थापित करनी है जो सुरक्षा, संप्रभुता एवं विकास पर मंडराने वाले प्रमुख खतरे यानी आतंकवाद से मुकाबले में प्रभावी सहयोग सुनिश्चित करे।’ अंसारी ने अपने संबोधन में संयुक्त राष्ट्र सुधार का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया।
अंसारी ने कहा, ‘हमें संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए करना चाहिए कि यह कदम अंतर सरकारी चर्चाओं से आगे बढ़े।’ सम्मेलन से इतर अंसारी ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी से कहा कि रणनीति रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह भारत-ईरान संबंधों के लिए ‘टर्निंग प्वाइंट साबित होगा।’