इस्राइल ने सीरिया द्वारा गोलान की पहाड़ियों पर किए गए रॉकेट हमलों के जवाब में बुधवार को सीरिया के दर्जनों ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है। इस्राइली सेना के मुताबिक उसके लड़ाकू विमानों ने मिसाइलों से सीरिया स्थित ईरानी ठिकानों के हथियार गोदामों और उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना का दावा है कि इस हमले में कई सीरियाई हवाई रक्षा बैटरियों को भी नष्ट कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, सीरिया के सरकारी मीडिया ने दावा किया कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली ने बुधवार को इस्राइल के युद्धक विमानों से दमिश्क पर दागी गई मिसाइलों को मार गिराया है। इस बीच इस्राइल ने दावा किया है उसकी सीमाओं पर ईरानी कट्टरपंथियों की गहरी मौजूदगी व घुसपैठ के ठोस सबूत हैं।
यह इस्राइल की आतंरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इससे पहले इस्राइली सेना ने दावा किया था कि सीरिया द्वारा दागे गए 4 रॉकेटों को उसने हवा में ही मार गिराया है। इस्राइल के कब्जे वाली गोलान पहाड़ियों की तरफ से दागे गए रॉकेटों को वायु रक्षा प्रणाली से तबाह कर दिया है जिसमें इस्राइल का कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है।
मध्य-पूर्व में ईरान के पास हैं सर्वाधिक मिसाइलें : पेंटागन
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि मध्य-पूर्व के देशों में ईरान के पास सबसे ज्यादा मिसाइलें हैं जो शक्तिशाली भी हैं। सेना के लिए खुफिया जानकारी देने वाले संगठन डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी ने ईरान मिलिट्री पॉवर नाम की इस रिपोर्ट में कहा है कि रणनीतिक रूप से खुद को अमेरिका, इस्राइल और सऊदी अरब से भी ताकतवर बनाने के लिए ईरान ने बैलेस्टिक मिसाइलों को अपने जखीरे में शामिल किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान पर प्रतिबंध लगाने से वह आधुनिक वायुसेना तो नहीं बना पाया है लेकिन उसने हथियारों को बढ़ाने में बड़ा निवेश किया है। मध्य-पूर्वी देशों की तुलना में ईरान के पास फिलहाल सबसे ज्यादा मिसाइलें हैं जिनमें कम, मध्यम व लंबी दूरी की मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं।
वह क्रूज मिसाइलें भी बना रहा है जो कम ऊंचाई पर दागी जा सकती हैं। डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी के क्रिश्चियन सैंडर्स ने चेताया कि ईरान पर हथियारों की खरीद को लेकर लगा प्रतिबंध अक्तूबर 2020 में खत्म होने के बाद उसे और अधिक हथियार जमा करने का मौका मिलेगा।
इस्राइली बस्तियों की वैधता पर यूएन ने खेद जताया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ट्रंप प्रशासन द्वारा फलस्तीनी क्षेत्रों में बनी इस्राइली बस्तियों को मान्यता देने संबंधी घोषणा पर खेद जताया। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो द्वारा की गई घोषणा पर उन्होंनेकहा कि ‘फलस्तीनी क्षेत्र में बनी इस्राइली बस्तियों पर हमारी स्थिति यथावत है।’ महासचिव के प्रवक्ता दुजारिक ने कहा कि ‘हमें अमेरिका द्वारा किए गए फैसले और घोषणा पर खेद है।’