इस्राइल गाजा सिटी में बड़े सैन्य हमले की योजना बना रहा है। इसके लिए इस्राइल ने हजारों रिजर्व सैनिकों को जुटाना शुरू कर दिया है। साथ ही वहां रहने वाले लोगों को निकासी चेतावनी दी गई है। इस्राइल के इस कदम को लेकर देश के भीतर विरोध और विदेशों में निंदा हो रही है।
सितंबर की शुरुआत में घोषित की गई इस योजना के तहत जमीनी और हवाई हमले और तेज किए गए हैं। उत्तरी और मध्य गाजा के कई हिस्सों में हमले जारी हैं, जिनमें जेतौन और शिजाय्या जैसे इलाके शामिल हैं। ये क्षेत्र पहले भी कई बार इस्राइली सेना के निशाने पर रह चुके हैं।
पूरी तरह वीरान हो चुका जेतौन इलाका
गाजा सिटी का कभी सबसे बड़ा इलाका रहा जेतौन, अब लगभग पूरी तरह वीरान हो चुका है। यहां बाजार, स्कूल और क्लिनिक थे। पिछले एक महीने से यहां लगातार बमबारी हो रही है, जिसके चलते सड़कें खाली हो गई हैं और इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। इस्राइली सेना ने पिछले हफ्ते इसे खतरनाक युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया था।
ये भी पढ़ें: Navy: सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया पहुंचा भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन, मैत्री संबंध होंगे मजबूत
गाजा सिटी में अब भी सुरंगों का बड़ा नेटवर्क
गाजा सिटी हमास का राजनीतिक और सैन्य गढ़ माना जाता है। इस्राइल के अनुसार, युद्ध के दौरान कई घुसपैठों के बावजूद यहां अब भी सुरंगों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। यह उत्तरी गाजा में अंतिम शरणस्थलों में से एक है, जहां लाखों नागरिक युद्ध और अकाल के दोहरे खतरों का सामना करते हुए शरण लिए हुए हैं।
गाजा सिटी में भीषण हमले
इस्राइल ने मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को गाजा सिटी में रह रहे फलस्तीनियों को एक बार फिर शहर छोड़ने की चेतावनी दी। इस्राइली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने कहा कि 'युद्ध जल्द ही और तेज होगा' और सुरक्षित रहने के लिए लोगों को गाजा सिटी के दक्षिण में अस्थायी तंबू शिविर मुवासी में जाना चाहिए। अस्पतालों के अनुसार, मंगलवार सुबह से ही गाजा पट्टी में कम से कम 47 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से अकेले गाजा सिटी में 26 शव शिफा अस्पताल लाए गए। अल-कुद्स अस्पताल के अनुसार, तेल अल-हवा में एक आवासीय इमारत पर हुए हमले में 28 लोग घायल हो गए।
ये भी पढ़ें: NATO: रूस के कथित GPS जामिंग पर नाटो अलर्ट, कहा- इसे रोकने के लिए दिन-रात कर रहे काम; बुल्गारिया ने चौंकाया
तेल अवीव में रिजर्व सैनिकों का विरोध
इस्राइल की सेना के अनुसार, 60,000 नए रिजर्व सैनिक धीरे-धीरे बुलाए जाएंगे, जबकि 20,000 सैनिकों की सेवा अवधि बढ़ा दी जाएगी। इस्राइल की आबादी एक करोड़ से भी कम है और यहां यहूदी पुरुषों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा है। इसके बाद उन्हें रिजर्व फोर्स में भी रहना पड़ता है। लेकिन गाजा युद्ध लंबा खिंचने से विरोध बढ़ रहा है।
मंगलवार को तेल अवीव में रिजर्व सैनिकों ने प्रदर्शन किया और सवाल उठाया कि यह भर्ती राजनीतिक कारणों से तो नहीं हो रही और क्या इससे वाकई हमास की ताकत टूटेगी। रिजर्व ड्यूटी से इनकार करना अपराध है और जेल हो सकती है, हालांकि अब तक सिर्फ कुछ ही सैनिकों को कैद किया गया है।