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'ट्रंप मेरे अच्छे दोस्त': गाजा योजना को इस्राइल ने ठुकराया, नेतन्याहू बोले- जब तक मैं PM, नहीं बनेगा फलस्तीन

Sun, 09 Aug 2026 05:32 PM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

गाजा युद्ध को समाप्त करने की अमेरिकी कोशिशों को इस्राइल के ताजा रुख से झटका लगा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि हमास के पूरी तरह हथियार छोड़ने तक इस्राइली सेना की वापसी नहीं होगी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े 15 सूत्री प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए कहा कि सुरक्षा से जुड़े कुछ मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
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बेंजामिन नेतन्याहू, इस्राइली प्रधानमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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इस्राइल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा के लिए 15 सूत्री योजना को खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता, तब तक इस्राइली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी। अपने मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने शपथ ली कि "जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, कोई फलस्तीनी राज्य अस्तित्व में नहीं आएगा।"
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नेतन्याहू ने मंत्रिमंडल की बैठक में कहा, "हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनके अच्छे दोस्त हैं, फिर भी इस्राइल 15 सूत्री दस्तावेज को खारिज करता है।" उन्होंने जुलाई के अंत में हमास की ओर से समर्थन किए गए प्रस्ताव का जिक्र करते हुए यह बात कही।

हमास को लेकर क्या बोले नेतन्याहू?
उन्होंने कहा, "इस्राइली सेना तब तक किसी तरह की वापसी नहीं करेगी, जब तक हमास को वास्तव में निरस्त्र नहीं कर दिया जाता। हमारी सेना और हमारे नागरिकों के खिलाफ खतरों को नाकाम करने का काम जारी रहेगा।" नेतन्याहू का यह बयान गाजा युद्ध खत्म करने के ट्रंप के प्रयासों के एक अहम हिस्से को खारिज करता है। इस्राइल का कहना है कि उसकी सेना की वापसी से पहले हमास को अपने हथियार छोड़ने होंगे।
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ट्रंप ने किया था गाजा में शांति समझौते का एलान
ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि संघर्ष खत्म करने की उनकी योजना में बड़ी सफलता मिली है, जिसके तहत इस्राइल और हमास दोनों इस ढांचे पर सहमत हो गए हैं। इसके बाद युद्धविराम लागू हुआ था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि 7 अक्टूबर 2023 को इस्राइल पर हुए हमले के बाद शुरू हुए युद्ध से पहले करीब दो दशक तक गाजा पर नियंत्रण रखने वाले हमास ने हथियार डालने पर सहमति जताई थी।

हालांकि, पिछले अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बावजूद इस्राइल ने गाजा में हमले जारी रखे हैं। नेतन्याहू के ताजा रुख से ट्रंप की गाजा योजना के अगले चरण में हमास के निरस्त्रीकरण का मुद्दा सबसे अहम हो गया है। इस्राइल ने साफ कर दिया है कि जब तक फलस्तीनी सशस्त्र समूह के पास हथियार हैं, तब तक वह अपनी सेना की वापसी के लिए तैयार नहीं है।

नेतन्याहू ने खुले तौर पर नकारी ट्रंप की योजना
नेतन्याहू ने माना कि हालांकि ट्रंप उनके अच्छे दोस्त हैं और ईरान के विरुद्ध अमेरिका-इजरायल के बीच साझेदारी काबिल-ए-तारीफ रही, फिर भी वो इस मामले को लेकर अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने दोहराया कि "उनके रहते कभी भी ईरान परमाणु हथियार संपन्न नहीं हो पाएगा।"

इस्राइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू पर उनके कट्टरपंथी दक्षिणपंथी सहयोगियों की ओर से नई मंत्रिमंडल बैठक बुलाने और गाजा योजना को खत्म करने का दबाव भी है। सर्वेक्षणों के अनुसार, नेतन्याहू सत्ता में बने रहने के लिए कड़े मुकाबले में हैं।  नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल अपनी आपत्तियों को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, "उनके पास कुछ विचार हैं। उनमें से कुछ हमें स्वीकार्य हैं और कुछ नहीं हैं। हम जानते हैं कि इन मुद्दों पर अपने रुख पर कैसे कायम रहना है।"
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