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Israel: बेंजामिन नेतन्याहू को नई सरकार बनाने का न्योता, इस्राइल के राष्ट्रपति ने सौंपा जनादेश

Sun, 13 Nov 2022 10:59 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम

सार

अब नेतन्याहू के पास सरकार बनाने के लिए 28 दिन का समय होगा। यदि समय बढ़ाने की जरूरत होती है, तो राष्ट्रपति के पास 14 दिन तक का समय देने का कानूनी अधिकार है।
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बेंजामिन नेतन्याहू - फोटो : PTI
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विस्तार
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इस्राइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। एक नवंबर को हुए चुनावों के बाद आए नतीजों के बाद रविवार को राष्ट्रपति ने बेंजामिन नेतन्याहू को अगली सरकार बनाने का जनादेश सौंपा।

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राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान में कहा गया कि इस्राइल की संसद नेसेट के 64 सदस्यों का समर्थन हासिल करने वाले 73 साल के नेतन्याहू को अगली सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रपति हर्जोग ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह नेतन्याहू को उन सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ परामर्श के बाद एक नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे, जो एक नवंबर को हुए चुनावों में 25वीं नेसेट के लिए निर्वाचित हुए हैं।

अब नेतन्याहू के पास सरकार बनाने के लिए 28 दिन का समय होगा। यदि समय बढ़ाने की जरूरत होती है, तो राष्ट्रपति के पास 14 दिन तक का समय देने का कानूनी अधिकार है। नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के अलावा उन्हें शास, यूनाइटेड टोराह जूडयिज्म , रिलिजिअस जियोनिज्म, जूइश पावर और नोआम समेत दक्षिणपंथी गठबंधन का समर्थन मिला है। नेतन्याहू की सत्तारूढ़ लिकुड पार्टी ने संसद में 32 सीट जीती, जबकि निवर्तमान प्रधानमंत्री याइर लापिद की येश अतीद को 24 सीट मिली।
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नेतन्याहू के अन्य संभावित गठबंधन सहयोगियों शास ने 11 और यूनाइटेड टोराह जूडयिज्म ने सात सीटें जीतीं, जिससे गठबंधन के कुल सांसदों की संख्या 64 हो गई है। देश में चार साल से भी कम समय में कराया गया यह पांचवां चुनाव था। राजनीतिक गतिरोध 2019 में शुरु हुआ था। उस वक्त नेतन्याहू पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासभंग के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों खंडन किया था।

छठी बार सरकार बनाने की तैयारी
छठी बार सरकार बनाने की तैयारी कर रहे नेतन्याहू ने कहा कि वह बिना किसी अपवाद के इस्राइल के सभी नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री होंगे। बहुत सारे लोगों ने चुनाव परिणामों का स्वागत किया है, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने कड़ी टिप्पणियां की हैं और जनता को डरा रहे हैं। यह पहली बार नहीं है, जब ऐसी बातें कही गई हैं। उन्होंने लिकुड पार्टी के पहले नेता मेनाचेम के बारे में यही शुरू किया था। वे मेरे बारे में भी यही कर रहे हैं। यह तब भी सच नहीं था और आज भी यह सच नहीं है।

दुनियाभर में चिंता का माहौल
नेतन्याहू का एक बार फिर प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने का रास्ता साफ हो गया है। वह गठबंधन सहयोगियों अतिरूढ़िवादी जेविश पार्टी और धुर दक्षिणपंथी रिलिजिअस जियोनिज्म के 25वीं कनेसेट के लिए चुने गए सदस्यों के साथ शपथ लेंगे। इसी को लेकर दुनियाभर में चिंता का माहौल है। अदालत में भ्रष्टाचार के मुकदमे के बारे में राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें नेतन्याहू पर अदालत में चल रहे मुकदमे की जानकारी है, लेकिन वह इसका सामना करते हुए भी प्रधानमंत्री नियुक्त हो सकते हैं। अब नेतन्याहू के गठबंधन सहयोगियों ने मंत्रालयों के लिए सौदेबाजी शुरू कर दी है। 

सार्वजनिक तौर मंत्रालय की मांग
रिलिजिअस जियोनिज्म के नेता इतामार बेन-ग्विर और बेजालेल स्मोत्रिच ने सार्वजनिक तौर पर नागरिक सुरक्षा और रक्षा मंत्रालयों की मांग की है। ग्विर को कई बार रूढ़िवादी आतंकी समूहों को शह देने का दोषी ठहराया जा चुका है। येरुशलम में स्थित कई महत्वपूर्ण पवित्र स्थलों की सुरक्षा पुलिस कर रही है। नागरिक सुरक्षा जैसा महत्वपूर्ण पद उन्हें मिला तो फलस्तीनियों के साथ तनाव सीमा पार कर सकता है।

ग्विर की प्रवृति से राष्ट्रपति भी चिंतित
सूत्रों का कहना है कि ग्विर जैसे रुढ़िवादी को सत्ता में आने से रोकने के लिए राष्ट्रपति भी प्रयासरत थे। उन्होंने प्रधानमंत्री पद छोड़ने जा रहे यैर लापिद और उनके रक्षा मंत्री बैनी गांट्ज को सुझाव दिया था कि नेतन्याहू के साथ गठबंधन कर साझा सरकार का गठन कर लग। हालांकि इस संबंध में पूछने पर राष्ट्रपति कार्यालय ने साफ इन्कार कर दिया।

न्यायालयों पर संसद के नियंत्रण का बन सकता है कानून
दक्षिणपंथी पार्टियों की काफी समय से मांग है कि न्यायिक सुधार किए जाने चाहिएं, जिनमें संसद का स्थान सर्वोच्च हो। इससे संसद को सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों को बदलने का अधिकार मिल जाएगा। नेतन्याहू सरकार जजों की नियुक्ति का अधिकार भी अपने हाथ में ले सकती है। वर्तमान में यह काम सांसदों, जजों और वकीलों का पैनल करता है।

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