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Isreal Strikes Syria: इस्राइल ने सीरिया के खिलाफ खोला मोर्चा, किए हवाई हमले; राष्ट्रपति भवन के पास बरसाए बम

Fri, 02 May 2025 09:34 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क

सार

सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास एक इलाके में सरकार समर्थकों और अल्पसंख्यक ड्रूज समुदाय के लोगों के बीच झड़प हो गई थी। इसके बाद इस्राइल के लड़ाकू विमानों ने दमिश्क में राष्ट्रपति हुसैन अल-शरा के महल के पास हमला किया। 
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हवाई हमला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सीरियाई सरकार समर्थकों और अल्पसंख्यक ड्रूज समुदाय में छिड़ी लड़ाई के बीच इस्राइल ने सीरिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस्राइल की वायु सेना ने शुक्रवार तड़के सीरिया में हवाई हमले किए। इस्राइल ने सीरिया के राष्ट्रपति भवन के पास बम बरसाए। 
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सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास एक इलाके में सरकार समर्थकों और अल्पसंख्यक ड्रूज समुदाय के लोगों के बीच झड़प हो गई थी। इसमें 10 लोगों की मौत हो गई। इसे लेकर इस्राइल ने सीरियाई अधिकारियों को दक्षिणी सीरिया में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के गांवों की ओर न बढ़ने की चेतावनी दी थी।

इस्राइल की सेना ने एक बयान में कहा कि लड़ाकू विमानों ने दमिश्क में राष्ट्रपति हुसैन अल-शरा के महल के पास हमला किया। जबकि सीरियाई मीडिया ने कहा कि यह हमला शहर के ऊपर एक पहाड़ी पर स्थित पीपुल्स पैलेस के निकट हुआ था। इससे पहले भी सीरिया पर इस्राइल ने बमबारी की थी। 
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सीरिया के सूचना मंत्रालय ने कहा कि दो अलग-अलग हमलों में देश के सुरक्षा बलों के 11 सदस्य मारे गए। जबकि ब्रिटेन स्थित युद्ध निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि साहनाया और द्रुज बहुल दमिश्क उपनगर जरामाना में झड़पों में 56 लोग मारे गए, जिनमें स्थानीय बंदूकधारी और सुरक्षा बल के लोग शामिल हैं।

राष्ट्रपति भवन के पास हमला करके इस्राइल ने सीरिया के नए नेतृत्व को कड़ी चेतावनी दी है। इससे पहले सीरिया के ड्रूज़ आध्यात्मिक नेता शेख हिकमत अल-हिजरी ने सीरिया सरकार की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने सरकार समर्थकों की झड़प को अल्पसंख्यक समुदाय पर अनुचित नरसंहारक हमला बताया।

ऐसे शुरू हुई लड़ाई
ड्रूज समुदाय के स्थानीय बंदूकधारियों और सरकार समर्थक लड़ाकों के बीच झड़प एक सोशल मीडिया ऑडियो क्लिप के चलते शुरू हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद को लेकर बयानबाजी की गई। इस ऑडियो को एक ड्रूज़ मौलवी से जोड़ा गया, लेकिन मौलवी ने इस आरोप से इंकार किया।

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मौलवी ने दिया अपना स्पष्टीकरण
बढ़ते विवाद को देख ड्रूज़ मौलवी मारवान किवान ने एक वीडियो जारी कर अपना स्पष्टीकरण दिया। किवान ने कहा कि वह उस ऑडियो के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा और जिसने भी यह ऑडियो बनाया है, वह सीरियाई समाज में संघर्ष को भड़काना चाहता है। इससे कई सुन्नी मुसलमान नाराज़ हो गए।

जानिए कौन होते हैं ड्रुज
ड्रूज़ एक अल्पसंख्यक समूह है। यह 10वीं शताब्दी में शिया इस्लाम की एक शाखा इस्माइलिज़्म की शाखा के रूप में शुरू हुआ था। दुनिया भर में लगभग एक मिलियन ड्रूज में से आधे से ज्यादा सीरिया के स्वेदा और दमिश्क में रहते हैं। अन्य अधिकांश ड्रूज लेबनान और इस्राइल में रहते हैं, जिनमें गोलान हाइट्स भी शामिल है। 

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