फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Israel Iran Accept Ceasefire: युद्ध विराम पर सहमत हुए इस्राइल-ईरान; ट्रंप के एलान के बाद से जारी संशय पर विराम

Tue, 24 Jun 2025 12:10 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीर्शेबा

सार

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इस्राइल और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर सहमति बन गई है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा था, 'जब इस्राइल और ईरान अपने अंतिम मिशनों को पूरा कर लेंगे, युद्ध समाप्त माना जाएगा।'

विज्ञापन
Iran Israel Ceasefire - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस्राइल और ईरान ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित युद्ध विराम योजना को स्वीकार कर लिया है। इससे पश्चिम एशिया में 12 दिनों से चल रहे युद्ध पर विराम लग गया। ट्रंप ने युद्ध विराम का एलान तेहरान की ओर से कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी सीमित मिसाइल हमलों के बाद किया था। इरान की यह कार्रवाई उसके परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों का जवाब थी।

विज्ञापन


ट्रंप के एलान के बाद बढ़े हमलों से मंडराया संकट
ट्रंप के एलान के बाद तेहरान ने इस्राइल को निशाना बनाकर मिसाइलों का अंतिम हमला किया, जिसमें मंगलवार सुबह कम से कम चार लोग मारे गए। जवाब में इस्राइल ने भी सुबह से पहले ईरान में कई जगहों पर हवाई हमले किए।

यह भी पढ़ें
Iran: 'अगर इस्राइल हमले बंद कर देता है तो ईरान भी शांत बैठेगा'; ट्रंप के सीजफायर के एलान के बाद अराघची का बयान 
विज्ञापन

Israel Iran Ceasefire: 'इस्राइल और ईरान मेरे पास आए और शांति की गुहार लगाई', ट्रंप ने बताई सीजफायर की वजह 
Israel Iran Ceasefire LIVE: 'युद्ध विराम अब प्रभावी, कृपया इसका उल्लंघन न करें', इस्राइल-ईरान से ट्रंप की अपील

सभी युद्ध लक्ष्य हासिल किए
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल ट्रंप के साथ समन्वय में ईरान के साथ द्विपक्षीय युद्ध विराम पर सहमत हो गया है। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने सोमवार रात को इस्राइल की सुरक्षा कैबिनेट को बताया कि इस्राइल ने ईरान के खिलाफ 12 दिनों के अभियान में अपने सभी युद्ध लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, जिसमें ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के खतरे को दूर करना भी शामिल है। 

उल्लंघन का जोरदार तरीके से जवाब देने की बात कही
नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल ने ईरान के सैन्य नेतृत्व और कई सरकारी स्थलों को भी नुकसान पहुंचाया और तेहरान के हवाई क्षेत्र पर भी नियंत्रण हासिल कर लिया। नेतन्याहू ने कहा, 'इस्राइल युद्ध विराम के किसी भी उल्लंघन का जोरदार तरीके से जवाब देगा।'



इस्राइल-ईरान का सुबह-सुबह हमला
ट्र्रंप के सीजफायर के एलान के बाद सुबह 4 बजे से कुछ पहले तक ईरानी शहरों में भारी इस्राइली हमले जारी रहे, जिसके बाद ईरानी बमबारी ने इस्राइलियों को बंकरों में जाने पर मजबूर कर दिया। ईरानी हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। 
विज्ञापन


ट्रंप ने की शांति की अपील
ईरान की ओर से अपने हमलों को रोकने के लिए समय सीमा बीत जाने के एक घंटे से अधिक समय बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'युद्ध विराम अब प्रभावी है। कृपया इसका उल्लंघन न करें!' इसके बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बताया कि युद्ध विराम सुबह 7:30 बजे प्रभावी हो गया। 

पहले ईरान ने किया किसी समझौते से इनकार
ट्रंप के एलान के बाद पहले ईरान ने किसी भी समझौते से इनकार किया और फिर कुछ घंटे बाद ही ईरान के शीर्ष राजनयिको की ओर से कहा जाने लगा कि देश हवाई हमलों को रोकने के लिए तैयार है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'अभी तक, किसी भी युद्ध विराम या सैन्य अभियानों की समाप्ति पर कोई समझौता नहीं हुआ है। अगर इस्राइली शासन ईरानी लोगों के खिलाफ अपने अवैध आक्रमण को तेहरान समय के अनुसार सुबह 4 बजे से पहले बंद कर दे, हमारा उसके बाद अपनी प्रतिक्रिया जारी रखने का कोई इरादा नहीं है।' 

ट्रंप ने किया संघर्ष विराम का एलान
दक्षिणी इस्राइल के सबसे बड़े शहर में सीधा हमला ट्रंप के युद्ध विराम लागू होने से पहले हुआ। ट्रंप ने कहा था कि इस्राइल और ईरान ने पूर्ण और समग्र युद्ध विराम पर सहमति जताई है। ट्रुथ सोशल पर ट्रंप की घोषणा में कहा गया कि वॉशिंगटन समय के अनुसार आधी रात को शुरू होने वाला युद्ध विराम युद्ध का आधिकारिक अंत लाएगा। ट्रंप ने संघर्ष को '12 दिवसीय युद्ध' बताया। यह 1967 के मध्यपूर्व युद्ध की याद दिलाता है, जिसे कुछ लोग 'छह दिवसीय युद्ध' के रूप में जानते हैं। इसमें इस्राइल ने मिस्र, जॉर्डन और सीरिया सहित अरब देशों के एक समूह से लड़ाई लड़ी थी। 1967 के युद्ध में इस्राइल ने जॉर्डन से वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम, मिस्र से गाजा पट्टी और सिनाई प्रायद्वीप एवं सीरिया से गोलान हाइट्स पर कब्जा कर लिया था। हालांकि, बाद में इस्राइल ने सिनाई को मिस्र को वापस दे दिया, लेकिन उसके पास अभी भी अन्य क्षेत्र हैं।









इस्राइल में करीब 30 और ईरान में 974 की मौत
इस्राइल में ईरानी हमलों की वजह से में कम से कम 30 लोग मारे गए और 1,000 से अधिक घायल हुए। वाशिंगटन स्थित समूह ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स के अनुसार, ईरान पर इस्राइली हमलों में कम से कम 974 लोग मारे गए और 3,458 अन्य घायल हुए हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें