एनएसए अजीत डोभाल ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में कहा कि आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंड अपनाने से बचना होगा। उन्होंने सदस्य देशों से सीमा पार आतंकवाद के दोषियों, आयोजकों और वित्तपोषकों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। इसे व्यापक रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग के रूप में देखा जा रहा है।
एससीओ के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन में डोभाल ने कहा, भारत लश्कर-ए-ताइबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), अलकायदा, आईएसआईएस और इसके सहयोगियों जैसे संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों से निरंतर खतरे के बारे में गहरी चिंता में है। एनएसए ने कहा कि नई दिल्ली ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकी ढांचे को नष्ट करने और आतंकवादियों को भारत में हमले करने से रोकने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। भारत की कार्रवाई नपी-तुली थी और हमने सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। एनएसए ने संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित आतंकवादियों और लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद तथा उनके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने पर जोर दिया।
आतंकवाद का कोई भी कृत्य मानवता के विरुद्ध अपराध
डोभाल ने दोहराया कि आतंकवाद का कोई भी कृत्य मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने इन समूहों के आतंकी ढांचे को नष्ट करने व सीमापार आतंक के प्रायोजकों को कटघरे में लाने में मदद करने का आह्वान किया। डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में संयुक्त सूचना अभियान की भी वकालत की।
चीन के उपराष्ट्रपति व रूसी सुरक्षा परिषद के उप सचिव वेनेडिक्टोव से की मुलाकात
बीजिंग में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान रूसी सुरक्षा परिषद के उपसचिव अलेक्जेंडर वेनेडिक्टोव ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर बात की। बीजिंग में भारतीय दूतावास ने बताया कि एनएसए डोभाल और वेनेडिक्टोव ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की।
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एक्स पर पोस्ट में बीजिंग में भारतीय दूतावास ने कहा कि रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेनेडिक्टोव ने बीजिंग में एससीओ सुरक्षा परिषद सचिवों की 20वीं बैठक में एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। रूसी पक्ष ने बताया कि वे रणनीतिक वार्ता के अगले दौर के लिए जल्द ही रूस में एनएसए डोभाल का स्वागत करेंगे। भारतीय दूतावास ने लिखा कि दोनों पक्षों ने नेताओं के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के आधार पर अपने द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के महत्व को दोहराया।
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चीनी विदेश मंत्री से की थी मुलाकात
अजीत डोभाल ने सोमवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बीजिंग में मुलाकात की थी। इस दौरान डोभाल ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दोनों पक्षों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम की समीक्षा की। साथ ही आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा हुई ताकि दोनों देशों के संबंध मजबूत हो सकें। बैठक में डोभाल ने साफ कहा कि आतंकवाद का कोई भी रूप बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है ताकि पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रह सके।