इस्राइल-हमास के बीच पिछले सात महीने से संघर्ष जारी है। इस संघर्ष के बीच गाजा के राफा क्षेत्र में अस्पताल जाने के दौरान कर्नल वैभव अनिल काले की मौत हो गई थी। दरअसल, कर्नल वैभव काले ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा सेवा समन्वयक के तौर पर शामिल हुए थे। महाराष्ट्र के ठाणे में उनके परिवार वाले उन्हें याद कर भावुक हो गए।
कर्नल काले के परिजनों ने मीडिया से की बातचीत
कर्नल वैभव काले की चाची मुगधा अशोक काले ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "वह एक बहुत खुशहाल परिवार से ताल्लुक रखता है, इसलिए उसे किसी भी चीज की चिंता नहीं थी। उसका पालन-पोषण बहुत ही लाड़-प्यार से हुआ था। उसके परिवार में सभी देशभक्त हैं। इसलिए परिवार वाले चाहते थे कि वह भी डिफेंस में शामिल हो। जब हमें उसकी मौत के बारे में मालूम चला, तो हम सन्न रह गए। हमें इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ।"
कर्नल काले के चचेरे भाई ने कहा, "परिवार वाले चाहते थे कि वह डिफेंस में जाए। आखिरकार वह उसमें शामिल हो गया। इंफैंट्री में 22 वर्षों तक सेवा करने के बाद उसने वीआरएस ले लिया। इसके बाद वह कंपनी में उच्च स्तरीय अधिकारी के पद पर काम करने लगा, लेकिन वह फील्ड वर्क करना चाहता था। फिर वह यूएन में शामिल हो गया। उसकी तैनाती गाजा में हुई। गाजा में एक दिन शांति जरूर होगी, लेकिन मेरा भाई नहीं होगा। मैंने आखिरी बार अपने भाई से कहा था कि गाजा में शामित लेकर आना, लेकिन वह नहीं आया। इस तरह के बलिदान से गाजा में शांति लौटनी चाहिए।"
बता दें कि कर्नल वैभव अनिल काले संयुक्त राष्ट्र का झंडा लिए एक वाहन में यात्रा कर रहे थे, तभी वह आग की चपेट में आ गए। पिछले साल सात अक्तूबर को हमास के आतंकियों ने इस्राइल पर हमला कर दिया था। इस हमले पर जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राइली सेना लगातार गाजा पर हमले कर रहे हैं।