इस्राइल और हमास के बीच संघर्षविराम के खत्म होने के बाद एक बार फिर युद्ध तेज हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। इस बीच, इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को तेल अवीव में रक्षा मंत्रालय मुख्यालय में अपने युद्ध मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई।
इस बैठक में, प्रधानमंत्री के साथ आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद प्रमुख, मोसाद के प्रमुख और शिन बेट प्रमुख, साथ ही कैबिनेट सदस्य रक्षा मंत्री योव गैलेंट और मंत्री बेनी गैंट्ज़ शामिल हुए। बैठक के बारे में इस्राइली पीएम के कार्यालय ने पोस्ट कर जानकारी दी। इससे पहले, सोमवार को नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ युद्ध के बीच अपने सलाहकारों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। साथ ही उनहे हालात का जायजा लिया था।
पीएमओ कार्यालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि जिन लोगों से पीएम नेतन्याहू ने बात की थी उनमें रक्षा मंत्री, मंत्री गैंट्ज, मंत्री ईसेनकोट, सामरिक मामलों के मंत्री एमके आर्य डेरी, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निदेशक, प्रधान मंत्री के चीफ ऑफ स्टाफ, आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ, निदेशक मोसाद, प्रधान मंत्री के सैन्य सचिव, राष्ट्रीय सार्वजनिक कूटनीति निदेशालय के प्रमुख, आईडीएफ संचालन निदेशालय के प्रमुख, आईडीएफ योजना निदेशालय के प्रमुख, क्षेत्रों में सरकारी गतिविधियों के समन्वयक और आईडीएफ इंटेलिजेंस में अनुसंधान प्रमुख शामिल थे।
गौरतलब है कि इस्राइल ने हाल के दिनों में दक्षिणी गाजा पर हवाई बमबारी तेज कर रहा है। इस्राइल-हमास युद्धविराम से पहले उत्तरी गाजा पर जमीनी अभियान शुरू करने के बाद अब इस्राइली सेना ने गाजा पट्टी के मुख्य दक्षिणी शहर के दो दर्जन इलाकों से भी लोगों को बाहर निकलने का आदेश दिया है। उसके यहां भी जमीनी अभियान शुरू करने के चलते लोगों को भागना पड़ रहा है। इस बीच, 7 अक्तूबर के बाद से अब तक इस्राइली हमलों में 15,899 फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है।
इस्राइल ने अपने जमीनी हमले का दायरा बढ़ाने के साथ हमास पर 7 अक्तूबर को बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के लिए दबाव बढ़ा दिया है। उसने उत्तरी गाजा को मलबे में तब्दील करने के बाद दक्षिण का रुख किया है। इस बीच उत्तरी शहर से भागकर दक्षिण में पनाह पाने वाले लोगों को भी कठोर हालात से गुजरना पड़ रहा है। इस्राइल और पड़ोसी मिस्र ने किसी भी शरणार्थी को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। उधर, इस्राइली सेना ने सोमवार को एक्स पर एक नक्शा पोस्ट करते हुए खान यूनिस शहर के करीब एक चौथाई हिस्से को पीले रंग से चिह्नित किया। उसने इस क्षेत्र को तुरंत खाली करने का आदेश दिया है। नक्शे में तीन तीर दक्षिण और पश्चिम की ओर इशारा करते हुए लोगों को भूमध्य सागर और मिस्र की सीमा की ओर आगे बढ़ने के लिए कह रहे थे।
लाल सागर में एक अमेरिकी युद्धपोत पर हूतियों के हमले
अमेरिकी युद्धपोत और कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर लाल सागर में हमले किए गए। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन ने कहा, यमन के हूती विद्रोहियों ने 2 जहाजों पर हमले किए, जिन्हें उसने इस्राइल से संबंधित बताया। हालांकि, विद्रोहियों ने अमेरिकी नौसेना के जहाज को निशाना बनाने की बात स्वीकार नहीं की। यह हमला, पश्चिम एशिया में इस्राइल- हमास युद्ध से जुड़े समुद्री हमलों की श्रृंखला में वृद्धि को दर्शाता है। इससे पूर्व, ब्रिटिश सेना ने लाल सागर में एक संदिग्ध ड्रोन हमला और धमाका होने की जानकारी दी थी।