इस्राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के जवान गाजा पट्टी में लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। गाजा पट्टी में हमास के आतंकी ठिकानों को चुन-चुन कर निशाना बनाने का दावा कर रही IDF को उस समय बड़ी सफलता मिली जब हमास के पश्चिमी खान यूनिस बटालियन के कमांडर मदथ मुबशर को मार गिराया गया। गुरुवार रात इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) के हवाई हमले में कमांडर मदथ के मारे जाने की पुष्टि खुद इस्राइली रक्षा बलों ने की।
सेना ने एक बयान में कहा, लगातार दूसरी रात, इस्राइली सैनिकों ने गाजा के अंदर लक्षित हमले किए। IDF हमास के खिलाफ संघर्ष में अगले चरण के लिए तैयार है। इस्राइली सेना ने कहा, आईडीएफ ने पिछले दिनों गाजा पट्टी में हमास के 250 से अधिक ठिकानों पर भी हमला किया। आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर पोस्ट किया, "हमास के पश्चिमी खान यूनिस बटालियन के कमांडर मदथ मुबाशर को आईडीएफ के हवाई हमले में मार गिराया गया।"
इसके अलावा, आईडीएफ ने हमास के 250 से अधिक ठिकानों पर भी हमले किए। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, इसमें गाजा में एक आतंकवादी सुरंग नेटवर्क भी शामिल था। इस्राइल ने हमास के सुरंग को द्वितीयक विस्फोट कर उड़ा दिया। कार्रवाई के बारे में सैन्य प्रवक्ता, रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने बताया, "मिडहाट ने आईडीएफ और इस्राइली बस्तियों के खिलाफ स्नाइपिंग हमलों और बड़े विस्फोटों में भाग लिया।"
आईडीएफ के मुताबिक उनके टारगेट पर हमास की सुरंगें, कमांड सेंटर, रॉकेट लॉन्च पोजीशन और दर्जनों ऑपरेटिव शामिल हैं। सेना के अनुसार, एक स्काईलार्क 3 ड्रोन आज गाजा पट्टी में "तकनीकी त्रुटि के परिणामस्वरूप" दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रवक्ता हागारी ने यह भी कहा कि डिवाइस से संवेदनशील जानकारी लीक होने का कोई डर नहीं है।
इस्राइल के युद्धग्रस्त इलाकों में हिंसक झड़प की खबरें लगातार मिल रही हैं। ऐसी ही एक घटना के मुताबिक आईडीएफ ने जेनिन शरणार्थी शिविर में रात भर हुई झड़पों के दौरान फलस्तीनी इस्लामिक जिहाद के जेनिन विंग के एक फील्ड कमांडर आयसर मोहम्मद अल-आमेर की हत्या की भी पुष्टि की है। द टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, सेना ने जेनिन शरणार्थी शिविर और कल्किल्या शहर में फलस्तीनी बंदूकधारियों के साथ झड़पों की भी पुष्टि की।
आईडीएफ ने कहा कि उसने फलस्तीनियों पर जवाबी कार्रवाई की जो उनकी सेना पर गोलीबारी कर रहे थे। सेना विस्फोटक उपकरण फेंकने वाले दंगाइयों से निपट रही थी। इस्राइली पक्ष की ओर से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सेना के अनुसार, वेस्ट बैंक में रात भर गिरफ्तारी और छापेमारी का सिलसिला चला। आईडीएफ सैनिकों ने हमास आतंकवादी समूह के 17 सदस्यों और 19 अन्य वांछित फलस्तीनियों को हिरासत में लिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 7 अक्तूबर को हुए हमास के हमलों के बाद गाजा पट्टी में युद्ध शुरू होने के बाद से, आईडीएफ ने वेस्ट बैंक में लगभग 1,030 वांछित फलस्तीनियों को गिरफ्तार किया है। इनमें हमास से जुड़े लगभग 670 व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं।
पिछले दो हफ्तों में वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों के साथ कई झड़पों का सामना कर चुकी आई़डीएफ का कहना है कि सेना ने आतंकवादी हमलों के प्रयासों को भी विफल किया है। फलस्तीनी प्राधिकरण के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइली सेना वेस्ट बैंक में करीब 7300 से अधिक फलस्तीनियों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।
आईडीएफ ने कहा कि सेंट्रल कमांड के प्रमुख मेजर जनरल येहुदा फॉक्स ने रामल्लाह के पास अरुरा शहर में हमास अधिकारी सालेह अल-अरौरी के स्वामित्व वाले घर के विध्वंस आदेश को मंजूरी दे दी है। द टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, अरौरी तुर्की में रहती है। 7 अक्तूबर से अब तक इस्राइली हमलों में कम से कम 7300 फलस्तीनी मारे गए हैं। दूसरी तरफ इस्राइल पर हमास के हमले में 1,400 से अधिक लोग मारे गए।