अगर इन दोनों के बीच राजनयिक संबंध सामान्य नहीं होते हैं, तो गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं को क्रियान्वित करना मुश्किल हो जाएगा। इसमें देरी के गंभीर भू-राजनीतिक नतीजे होंगे।
थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) का दावा है कि इस्राइल-हमास संघर्घ के चलते भारत-पश्चिम एशिया- यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईईसी) का क्रियान्वयन टल सकता है।
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थिंक टैंक के मुताबिक संघर्ष के चलते समझौते के अहम भागीदार सऊदी अरब ने इस्राइल के साथ राजनयिक संबंधों को सामान्य करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को रोक दिया है।
देरी के गंभीर भू-राजनीतिक नतीजे होंगे
अगर इन दोनों के बीच राजनयिक संबंध सामान्य नहीं होते हैं, तो गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं को क्रियान्वित करना मुश्किल हो जाएगा। इसमें देरी के गंभीर भू-राजनीतिक नतीजे होंगे। जीटीआरआई के सह-संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है कि युद्ध की स्थिति में दोनों देशों के बीच बातचीत पटरी से उतर सकती है।
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गाजा से आगे भी बढ़ सकता है संघर्ष
फिलहाल, संघर्ष इस्राइल और गाजा तक ही सीमित है, लेकिन यह आगे भी बढ़ सकता है। बता दें, आईएमईईसी पर पिछले महीने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत में सहमति बनी थी। इसे चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजना का जवाब माना जा रहा है।