पिछले सप्ताह बेरूत में एक बैठक में हमले की इजाजत दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के अधिकारी अगस्त से हमास के साथ मिलकर इस्राइल पर जमीन, हवा और समुद्र के रास्ते 1973 के बाद अब तक के सबसे बड़े हमले की साजिश रच रहे थे।
हमास के हमलों में आतंकियों की हैवानियत भी सामने आ रही है। इन दरिंदो ने सैनिकों को ही नहीं, आम नागरिकों को भी नहीं बख्शा। महिलाओं और बच्चों के शवों के साथ भी बदसलूकी की।
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वहीं, अमेरिकी समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सोमवार को हमास और हिज्बुल्ला के हिजबुल्लाह के हवाले से दावा किया कि ईरान की मदद और इजाजत के बाद ही हमास ने इस्राइल पर हमला बोला। ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने हमले की साजिश रचने से लेकर हथियार व खुफिया जानकारी देने में मदद की थी।
इसके बाद पिछले सप्ताह बेरूत में एक बैठक में हमले की इजाजत दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के अधिकारी अगस्त से हमास के साथ मिलकर इस्राइल पर जमीन, हवा और समुद्र के रास्ते 1973 के बाद अब तक के सबसे बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र में ईरानी प्रतिनिधि ने इन सभी दावों को खारिज किया।
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अमेरिका ने संरा बैठक में की हमास की निंदा
संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रविवार को बंद कमरे में आपात बैठक की। बैठक में अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों से इस्राइल पर हमास के हमले की निंदा की मांग की, लेकिन सुरक्षा परिषद ने इस पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रतिनिधि रॉबर्ट वुड ने कहा कि ज्यादातर देशों ने हमास के हमले की निंदा की, लेकिन परिषद के सभी सदस्यों ने ऐसा नहीं किया।