इस्राइल के चुनाव में एग्जिट पोल किसी भी राजनीतिक खेमे को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिखा रहे हैं। नेतन्याहू और उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। क्या अंतिम नतीजे सत्ता की तस्वीर बदलेंगे?
इस्राइल में मंगलवार को हुए चुनाव के एग्जिट पोल में किसी भी राजनीतिक खेमे को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। इससे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। चुनाव के बाद अब सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच जोड़तोड़ का दौर चलने की संभावना है।
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इस्राइल में 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है। इस चुनाव को नेतन्याहू के युद्धकालीन नेतृत्व पर जनता की राय के तौर पर भी देखा जा रहा है।
नेतन्याहू और प्रतिद्वंद्वी, दोनों बहुमत से दूर
इस्राइल के प्रमुख टीवी चैनलों की ओर से जारी एग्जिट पोल के मुताबिक, न तो नेतन्याहू के राजनीतिक खेमे को और न ही उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी तथा पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के खेमे को संसद में बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। इस्राइल की संसद में बहुमत हासिल करने के लिए 120 में से कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है। एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक, दोनों पक्ष इस आंकड़े तक पहुंचते नहीं दिख रहे हैं।
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इस्राइल चुनाव को लेकर अब तक एग्जिट पोल के नतीजे (अंतिम चुनाव परिणाम नहीं)
सीटों का अनुमान
चैनल 11
चैनल 12
चैनल 13
लिकुड (नेतन्याहू)
25
24
25
याशर (आइजेनकोट)
21
22
23
बेयाचद (बेनेट-लैपिड)
14
12
14
नेतन्याहू ब्लॉक
50
50
50
चेंज ब्लॉक
53
52
53
अरब-बहुमत वाली पार्टियां
17
18
17
सरकार बनाने के लिए बढ़ सकती है राजनीतिक खींचतान
अगर अंतिम नतीजों में भी किसी पक्ष को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो सरकार बनाने के लिए विभिन्न दलों के बीच बातचीत और गठबंधन की कोशिशें तेज हो सकती हैं। ऐसे में नई सरकार के गठन में कई दिन या सप्ताह लगने की आशंका है। हालांकि, एग्जिट पोल अंतिम नतीजे नहीं होते। इनके अनुमानों में गलती की संभावना रहती है और वास्तविक परिणाम अलग हो सकते हैं।
अंतिम नतीजों का इंतजार
चुनाव के शुरुआती नतीजे आने वाले घंटों में सामने आने की उम्मीद है, जबकि अंतिम परिणाम आने में कुछ दिन लग सकते हैं। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि किस राजनीतिक खेमे को कितनी सीटें मिली हैं और सरकार बनाने की स्थिति किसके पक्ष में है।