फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस्राइल चुनाव 2026: ईरान से गाजा तक सख्त सैन्य कार्रवाई के दम पर वोट मांग रहे नेतन्याहू, दांव पर सियासी साख

Sun, 25 Oct 2026 04:53 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी, तेल अवीव।

सार

इस्राइल में 27 अक्तूबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी आक्रामक सैन्य छवि को चुनावी रणनीति का प्रमुख हिस्सा बनाया है। यह चुनाव नेतन्याहू के नेतृत्व, सुरक्षा नीति और राजनीतिक विरासत की अहम परीक्षा माना जा रहा है।

विज्ञापन
आक्रामक छवि बना रहे नेतन्याहू - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस्राइल में 27 अक्तूबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सियासी छवि बदलने की हरसंभव कोशिश की है। पहले खुद को सुरक्षा और स्थिरता का भरोसेमंद नेता बताते थे। अब सख्त सैन्य कार्रवाई व दुश्मनों के खिलाफ आक्रामक रुख को अपनी पहचान बना रहे हैं। दरअसल, चुनाव से पहले उनका लक्ष्य मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना है कि देश की सुरक्षा के लिए उनसे बेहतर कोई विकल्प नहीं है।

विज्ञापन


नेतन्याहू (77) इस्राइल में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता हैं। वे अपने राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे देश में समर्थन जुटा रहे हैं, जो युद्ध, राजनीतिक ध्रुवीकरण और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता से गुजर रहा है। दरअसल, 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले ने नेतन्याहू की मिस्टर सिक्योरिटी वाली छवि को बड़ा झटका दिया था। उसमें करीब 1,200 लोग मारे गए थे।

यह भी पढ़ें:- कौन हैं गादी आइजेनकॉट: पूर्व सेना प्रमुख कैसे बने नेतन्याहू का सिरदर्द, क्या बन सकते हैं इस्राइल के अगले पीएम?
विज्ञापन


छोटी जंग की नीति से कई मोर्चों पर युद्ध तक
हमले से पहले नेतन्याहू को ऐसे नेता के रूप में देखा जाता था, जो बड़े सैन्य टकराव से बचते थे। उनकी सुरक्षा नीति सीमित अवधि के युद्ध और रक्षात्मक कार्रवाई पर केंद्रित थी। लेकिन 7 अक्तूबर के बाद उन्होंने अपना रुख बदल लिया। इस्राइल ने गाजा में हमास, लेबनान में हिजबुल्ला, यमन में हूती विद्रोहियों और अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। नेतन्याहू ने इसे दुश्मनों को कमजोर करने और इस्राइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति बताया।

कड़े तेवर...अभी बहुत कुछ करना बाकी
कई मोर्चों पर जंग पर निर्णायक अंत नहीं हुआ है। नेतन्याहू कड़े तेवरों के साथ अब कहते हैं कि बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने हाल ही में कहा, ईरान के शासन को खत्म करने का काम पूरा करना जरूरी है। राजनीतिक टिप्पणीकार और नेतन्याहू की जीवनी लिखने वाली मजाल मुआलेम कहती हैं, नेतन्याहू समझ चुके हैं राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि इतिहास में अपनी जगह बनाए रखने के लिए उन्हें बदलना होगा। पुराने नेतन्याहू की जगह एक नए नेतन्याहू ने ले ली है।
विज्ञापन


वेस्ट बैंक में नया अभियान
हेब्रोन के पास एक सैन्य चौकी पर गोलीबारी में दो अपने सैनिकों की मौत के बाद इस्राइल ने वेस्ट बैंक में व्यापक सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। नेतन्याहू ने हेब्रोन के इलाकों में घर-घर जाकर कार्रवाई करने, इमारतों को ध्वस्त करने और लोगों को जबरन विस्थापित करने के निर्देश दिए हैं। नेतन्याहू का कहना है कि सेना हमास के लड़ाकों का पीछा करेगी और व्यापक स्तर पर गिरफ्तारियां करेगी। इस्राइली सेना ने शनिवार को इस अभियान के तहत 12,00 से ज्यादा फलस्तीनियों को अपना घर छोड़ने के लिए बाध्य कर दिया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें