गाजा में चल रहे युद्ध के बीच हमलों से नष्ट घर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने मंगलवार को मिस्र और गाजा के बीच रफाह बॉर्डर क्रॉसिंग पर कब्जा कर लिया। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तरफ से रफाह पर जमीनी हमले की चेतावनी के कुछ घंटे बाद ही इस्राइली टैंक रफाह बॉर्डर पर पहुंच गए। वहीं, रफाह सीमा पर इस्राइल के कब्जे से कुछ देर पहले ही हमास ने कतर की मध्यस्थता से तय संघर्ष विराम समझौता मान लिया। साथ ही, वह 33 बंधकों को रिहा करने पर भी राजी हुआ है।
संघर्ष विराम की शर्तों में कहा गया है कि हमास की कैद से रिहा होने वाले हर बंधक के बदले इस्राइल 60 फलस्तिनियों को छोड़ेगा, जिनमें महिला, बच्चे व 50 वर्ष पार बुजुर्ग शामिल होंगे। हालांकि, कतर, मिस्र व अमेरिकी अफसरों की ओर से तैयार संघर्ष विराम समझौते को इस्राइल ने खारिज कर दिया है। उधर, हमास के प्रतिद्वंद्वी फलस्तीनी प्राधिकरण के प्रवक्ता ने संघर्ष व बढ़ने से रोकने के लिए अमेरिका व संयुक्त राष्ट्र से दखल का आह्वान किया है।
रफाह में 20 आतंकी मारे गए
इस्राइली सेना ने बताया कि सोमवार से मंगलवार के बीच दक्षिणी गाजा व रफाह में की गई कार्रवाई में 20 आतंकवादी मारे गए हैं। इस्राइली सेना ने रफाह की अल अबरार मस्जिद पर भी हमला किया है, जहां हमास के कई आतंकियों के छिपे होने की पुख्ता जानकारी मिली थी।
युद्ध विराम प्रस्ताव में नहीं मानी गईं मांगें: नेतन्याहू
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास के नवीनतम संघर्ष विराम प्रस्ताव में इस्राइल की जरूरी मांगें नहीं मानी गई हैं। उन्होंने कहा कि गाजा में बंधकों की वापसी कराने के लिए उन पर काफी सैन्य दबाव है। इस्राइली रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि अगर बंधकों को छुड़ाने की वार्ता असफल हुई तो हम रफाह पर जोरदार सैन्य हमला करेंगे।