इस्राइल पर हमला करना हमास के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। हमास के हमले का जवाब देते हुए इस्राइल ने गाजा पट्टी पर बड़ी तबाही मचाई है। जंग जारी है और दोनों ओर से रॉकेट, बम और गोलियां लगातार चल रही हैं। इस्राइल आतंकवादी ग्रुप के ठिकानों को चुन-चुन का खत्म करने में लगा है। ऐसे में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि गाजा से बाहर निकलने वाले एकमात्र रास्ते पर भी इस्राइल लगातार हमला कर रहा है। इसलिए मिस्र गाजा पट्टी से अपने सिनाई प्रायद्वीप में बड़े पैमाने पर पलायन कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश कर रहा है।
बाहर निकलने का दें रास्ता
बातचीत से समाधान निकालने का प्रयास
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने मंगलवार को कहा कि गाजा में तनाव बहुत ज्यादा है। मिस्र क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ बातचीत से समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। वहीं, सिनाई फाउंडेशन फॉर ह्यूमन राइट्स के अहमद सलेम का कहना है कि मिस्र की सेना सीमा के पास मजबूती से निगरानी रख रही है।
एकमात्र रास्ता रफा
इस्राइल के साथ शांति स्थापित करने वाला पहले अरब देश मिस्र ने गाजा में पिछले संघर्षों के दौरान इस्राइल और फिलिस्तीनी गुटों के बीच मध्यस्थता की है। वर्तमान में चल रहे संघर्ष को भी रोकने के लिए दबाव डाल रहा है।
गाजा के गृह मंत्रालय का कहना है कि सोमवार और मंगलवार को रफा क्रॉसिंग पर हमला किया गया है। सूत्रों ने बताया कि मिस्र की ओर से भी रास्ते को बंद कर दिया गया है और गाजा की यात्रा करने की योजना बना रहे फलस्तीनी उत्तरी सिनाई के मुख्य शहर अल अरिश में पीछे हट गए हैं। हालांकि, मिस्र के सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि लोगों के लिए मंगलवार सुबह तक इसे खोल दिया गया था।
अबतक 2100 लोगों की मौत
आतंकी संगठन हमास की ओर से इस्राइल पर किए गए हमले का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। जहां पश्चिमी देशों ने अब इस संघर्ष में इस्राइल का साथ दिया है, तो वहीं पश्चिमी एशिया के कई देशों ने हमास के कदम का समर्थन किया है। इस बीच दोनों तरफ से संघर्ष अब तक 2100 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। जहां इस्राइल में हमास के हमलों से 1200 से ज्यादा की मौत हुई है तो वहीं गाजा पट्टी में इस्राइली वायुसेना के वार से 900 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।