पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना भ्रष्टाचार के एक मामले में तीन साल जेल की सजा सुनाई गई है। हालांकि वह बाहर निकलने के अपने कानूनी दांवपेच चल रहे हैं। लेकिन उनको बुधवार को झटका देते हुए पाक कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया।
वर्तमान में इमरान खान अटक जेल में बंद हैं। इमरान खान ने मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपने वकीलों के माध्यम से एक याचिका दायर की और अपनी तीन साल की सजा को रद्द करने की मांग की। याचिका में उन्होंने कहा कि तोशाखाना मामले में ट्रायल कोर्ट का फैसला कानून के खिलाफ है।
मुख्य न्यायाधीश फारूक ने दलीलें सुनने के बाद निलंबन के रूप में राहत देने से इनकार कर दिया और घोषणा की कि याचिका अगले चार से पांच दिनों के भीतर नियमित सुनवाई के लिए तय की जाएगी। उन्होंने संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया। जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष अपने वकीलों के माध्यम से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
जेल में कीड़े-मकौड़ों के बीच रहे इमरान खान
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद इमरान की हालात काफी खराब है। उन्होंने अपने वकीलों से कह कि उन्हें वे जल्दी अटक जेल से बाहर निकालें और बताया कि वह ऐसी कोठरी में नहीं रहना चाहते जहां दिन में मक्खियां और रात में कीड़े-मकौड़े भरे रहते हैं।
तोशाखाना मामले में तीन साल की सजा हुई
पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पिछले साल 21 अक्तूबर को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशाखाना मामले में झूठे बयान और गलत चीजों की घोषणा करने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। तीन महीने में यह दूसरी बार है जब खान को गिरफ्तार किया गया है। इमरान खान को नौ मई को इस्लामाबाद में अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में उच्च न्यायालय परिसर से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनके समर्थकों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया था और सैन्य प्रतिष्ठ्रानों में आग लगा दी थी। वहीं अब इमरान खान पर देश भर में 140 से अधिक मामले हैं और उन पर आतंकवाद, हिंसा, ईशनिंदा, भ्रष्टाचार और हत्या जैसे आरोप हैं।