यहां अभी जिंदा है आईएस
आईएस के आतंकी इराक और सीरिया में हारने के बावजूद कई अन्य आतंकी संगठनों से समझौता कर संगठन का अस्तित्व बनाए हुए हैं। लीबिया, यमन, अफगानिस्तान में इनका काफी प्रभाव है। वहीं चेचन्या, नाइजीरिया समेत कई जगहों पर इनकी मौजूदगी बनी हुई है।
जब 46 भारतीय नर्सें आईएस के चंगुल से हुईं आजाद
जून, 2014 में भारत सरकार ने बताया कि इराक के तिकरित शहर में काम कर रहीं 46 भारतीय नर्सें अगवा कर ली गई हैं। हालांकि यह भी दावा किया गया कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। जिसके बाद आतंकी उन्हें मोसुल ले गए। पर भारत सरकार ने सऊदी के अधिकारियों और इराक में कार्यरत संगठनों की मदद से कूटनीतिक प्रयास शुरू किये। जिसके बाद इसमें कामयाबी मिली और पांच जुलाई को सभी नर्सों को सुरक्षित भारत लाया जा सका। रॉ के पूर्व अधिकारियों के मुताबिक
सरकार ने पूरी वार्ता को गुप्त रखा इसलिए उसे कामयाबी मिली। आईएस को इसके लिए कोई फिरौती भी नहीं दी गई। इनमें से ज्यादातर नर्सें केरल से थीं जो कि ईसाई समुदाय से जुड़ी थीं।