निर्वासित पाकिस्तानी नेता और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने दावा किया है कि कोलंबो धमाकों में पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। हुसैन ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव से अपनी अपील में कहा, ‘इन बम धमाकों में आईएसआई के शामिल होने की संभावना को दरकिनार नहीं करना चाहिए।
दुनियाभर में आतंकवाद की हरेक वारदात की नींव पाकिस्तान में ही रखी गई थी।’ हुसैन के मुताबिक एमक्यूएम का हरेक कार्यकर्ता कोलंबो धमाके से व्यथित है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है, जिसका दुनिया से पूर्णत सफाया करना होगा।
बता दें कि ईस्टर की प्रार्थना के दौरान रविवार सुबह श्रीलंका छह सिलसिलेवार धमाकों और दो आत्मघाती हमलों से दहल उठा। राजधानी कोलंबो के अलावा तटीय शहर नेगेंबो और बट्टिकलोआ में हुए कुल आठ धमाकों में 215 लोगों की मौत हो गई, जबकि 500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। मरने वाले वालों में महिलाएं, बच्चे और 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मरने वालों में महिलाएं, बच्चे और 11 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों के अलावा भारत, पाकिस्तान, अमेरिका, मोरक्को और बांग्लादेश के नागरिक भी घायल हुए हैं। 2009 में लिट्टे के खात्मे के बाद श्रीलंका के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरिसेना ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
तीन चर्च, तीन पांच सितारा होटलों और एक गेस्ट हाउस में हुए इन धमाकों की अब तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) पर है, जो इस्लामिक स्टेट (आईएस) का मॉड्यूल माना जाता है। पुलिस का कहना है कि गेस्ट हाउस और होटल द सिनामोन ग्रांड में हुआ हमला आत्मघाती था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले आदेश तक श्रीलंका में शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही सोशल मीडिया को अस्थायी तौर पर बैन कर दिया गया है।