बगदाद में हजारों प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को उच्च सुरक्षा वाले अमेरिकी दूतावास परिसर पर हमला कर बाहरी दीवार को तोड़ दिया। वर्षों में यह पहली बार हुआ है, जब प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास तक पहुंच सके हैं। प्रदर्शनकारियों ने ईटों से दीवारों पर लगे सुरक्षा कैमरे तोड़ दिए।
अमेरिकी सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों की भीड़ तितर-बितर करने के लिए परिसर के अंदर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। प्रदर्शनकारियों ने इराकी सशस्त्र समूहों के शिया नेटवर्क हश्द अल-शाबी के समर्थन में झंडे भी लहराए।
शिया बहुल बसरा-नजफ व किरकुक में अमेरिकी झंडे
इराक सरकार ने एक बयान में कहा है कि अमेरिकी सेना ने इराकी हितों के बजाय अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं पर काम किया है। बयान के मुताबिक इस तरह के हमले इराक की संप्रभुता का उल्लंघन करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अमेरिका ने शिया बहुल बसरा और नजफ शहरों के साथ साथ बगदाद के उत्तर में किरकुक शहर में अपने झंडे गाढ़ दिए हैं। इसलिए पहले यहां से अमेरिकी सैनिकों को बाहर निकाला जाए।
ईरान समर्थित गुट पर हवाई हमले करने से पैदा हुए आक्रोश के एक दिन बाद अमेरिका ने इराक पर वाशिंगटन के हितों की ‘रक्षा’ करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वाशिंगटन में पत्रकारों से कहा कि हमने इराक सरकार को कई बार आगाह किया और हमने अपनी रक्षा की जिम्मेदारी के लिए उनके साथ सूचनाएं साझा कीं।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना और राजनयिक इराक में वहां की सरकार के आमंत्रण पर रह रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक, हमारी रक्षा इराक की जिम्मेदारी और कर्तव्य है लेकिन उन्होंने ऐसा करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए।