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US: ट्रंप के निर्वासन अभियान में फंसे दशकों से अमेरिका में रह रहे ईरानी, बढ़ती गिरफ्तारियों ने बढ़ाई चिंता

Sun, 29 Jun 2025 11:17 PM IST
निर्मल कांत एजेंसी, न्यूयॉर्क।

सार

US: दशकों से अमेरिका में रह रहे ईरानियों को अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की निर्वासन नीति के तहत तेजी से गिरफ्तार किया जा रहा है। मैंडोना डोना काशनियन जैसे कई लोग अमेरिका में सामान्य जिंदगी जी रहे थे, उन्हें बिना ठोस वजह गिरफ्तार कर डिटेंशन सेंटर में रखा जा रहा। इससे ईरानियों की चिंता बढ़ गई है।
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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दशकों से अमेरिका में रहने बेरोक-टोक रहने वाले ईरानी अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्वासन अभियान के निशाने पर है। इसकी वजह से वहां ईरानियों की धर-पकड़ तेजी से जारी है। 47 साल से अमेरिका में रह रही मैंडोना डोना काशनियन के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। वह अपने न्यू ऑरलियन्स घर के यार्ड में बागवानी कर रही थी कि अचानक अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन अधिकारियों ने पहुंचे और डोना को हथकड़ी लगाई और साथ ले गए। उनके परिवार ने बताया कि डोना को अब लुइसियाना के बेसिल में एक आव्रजन निरोध केंद्र यानी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

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डोना ने एक अमेरिकी नागरिक से शादी की है और उनकी एक बेटी है। परिवार के मुताबिक, वह 1978 में स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं। उन्होंने अमेरिका-समर्थित शाह के समर्थन की वजह से अपने पिता के खिलाफ प्रतिशोध के डर से यहां शरण मांगी थी। हालांकि, उन्हें शरण नहीं मिली। लेकिन उन्हें नियमित तौर से आव्रजन दफ्तर में रिपोर्ट करते रहने की शर्त पर अमेरिका में रहने की इजाजत मिल गई। उन्होंने हर बार निभाई यह शर्त निभाई यहां तक कि कैटरीना तूफान के दौरान भी।

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काशानियन की अमेरिका में जिंदगी
काशानियन के पति रसेल मिल्ने के मुताबिक, उनकी पत्नी कोई खतरा नहीं हैं। शरण याचिका में परेशानी उनके पुराने विवाह को अदालत के धोखाधड़ी बताने की वजह से हुई। लेकिन 64 साल की काशनियन ने अमेरिका में एक सामान्य जिंदगी जी। शादी की, बेटी पैदा की, हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी के साथ स्वेच्छा से काम किया, यूट्यूब पर पारसी व्यंजन सिखाए और पड़ोस के बच्चों के लिए दादी जैसी बनीं। मिल्ने ने कहा, वो सारी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। वो अब सेवानिवृत्ति की उम्र में हैं। वह कोई खतरा नहीं है। दादी को कौन उठाता है? हालांकि, उनकी बेटी कैटलिन मिल्ने ने कहा, मां ने हमेशा सही रास्ता अपनाया। अब हमें उनकी सुरक्षा की फिक्र है।

अन्य ईरानी भी गिरफ्त में
अमेरिका में दशकों के बाद अन्य ईरानियों को भी आव्रजन अधिकारी गिरफ्तार कर रहे हैं। यूएस होमलैंड सिक्योरिटी विभाग यह नहीं बताया कि उन्होंने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों ने इस आशंका को और बढ़ा दिया है कि अभी और भी लोग गिरफ्तार किए जा सकते हैं। नेशनल ईरानी अमेरिकन काउंसिल के नीति निदेशक रयान कॉस्टेलो के मुताबिक, अमेरिका की अप्रवास और सीमा शुल्क लागू करने वाली आईसीई बिना किसी ठोस आधार के फिर चाहे वे किसी भी खतरे से जुड़े हों या नहीं ईरानियों की गिरफ्तारी कर रही है, जो चिंताजनक है।

सरकारी रुख और आरोप
हालांकि, अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी ने काशनियन के मामले पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन अमेरिकी मिसाइल हमलों के सप्ताहांत में आव्रजन उल्लंघन में कम से कम 11 ईरानियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। यूएस सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा ने दावा किया कि उन्होंने लॉस एंजेलिस में एक जगह से सात ईरानी पकड़े जो कथित तौर पर आतंकवाद से जुड़े थे, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया गया। प्रवक्ता ट्रिसिया मैकलॉघलिन ने 11 गिरफ्तारियों को लेकर कहा, विभाग ने इस देश में अवैध तौर से से प्रवेश करने वाले ज्ञात या संदिग्ध आतंकवादियों और हिंसक चरमपंथियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। जो पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन की पैरोल कार्यक्रमों या अन्य माध्यम से आए हैं। ट्रंप ने बाद में इन कार्यक्रमों को बाद में बंद कर दिया था।

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निर्वासन नीति में बदलाव
ईरानी वर्षों से अवैध रूप से सीमा पार कर रहे हैं, खासकर 2021 से, उन्हें अमेरिका के साथ राजनयिक संबंधों के टूटने के कारण अपने गृह देशों में निर्वासित होने का बहुत कम खतरा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरानियों सहित सैकड़ों लोगों को अपने देश के अलावा अन्य देशों में निर्वासित किया है, ताकि उन सरकारों के साथ राजनयिक बाधाओं को दूर किया जा सके जो अपने लोगों को वापस नहीं लेंगे। ट्रंप ने अब उन्हें तीसरे देशों मसलन पनामा, कोस्टा रिका, अल साल्वाडोर भेजना शुरू कर दिया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक कि उन देशों में निर्वासित करने की इजाजत दी है जिनसे व्यक्ति का कोई संबंध नहीं, जैसे युद्धग्रस्त देश दक्षिणी सूडान।

ईरानियों की बढ़ती गिरफ्तारियां
हालिया उपलब्ध सार्वजनिक डाटा के मुताबिक, यूएस बॉर्डर पैट्रोल ने अक्टूबर 2021 से नवंबर 2024 तक मैक्सिकन सीमा पर 1,700 बार ईरानियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा, सितंबर 2023 तक के एक साल में 600 ईरानियों ने वीजा की समयसीमा पार की।ईरान अब उन 12 देशों की सूची में शामिल है जिन पर अमेरिका की नई यात्रा पाबंदी लागू हुई है, जिससे आशंका और बढ़ गई है। ओरेगन में एसएफ नामक ईरानीको जिम जाते वक्त आईसीई ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि वह दो हफ्ते बाद नियमित रिपोर्टिंग के लिए पोर्टलैंड स्थित आईसीई दफ्तर जा रहा था। वह 20 साल से अमेरिका में रह रहा है, उसकी पत्नी और दो बच्चे अमेरिकी नागरिक हैं। उसके वकील माइकल पर्सेल के मुताबिक, ईरान में बदले हालात और अमेरिकी हमलों की वजह से उसे शारीरिक यातना या मौत का खतरा है। उसका धर्म परिवर्तन और अमेरिकी परिवार उसकी स्थिति को और नाज़ुक बनाते हैं। 

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