ईरान का कहना है कि वह अमेरिका की किसी भी धमकी का जवाब दृढ़ता से देगा। ये बात एक समाचार एजेंसी ने ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी के हवाले से कही है। मौसवी ने कहा है, "हम ईरान की सीमा के खिलाफ किसी भी तरह का उल्लंघन नहीं होने देंगे। ईरान अमेरिका द्वारा किसी भी आक्रामकता या खतरे का दृढ़ता से सामना करेगा।"
अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार के बाद से तनाव और भी अधिक बढ़ गया है। गुरुवार को ईरानी मिसाइल ने अमेरिका के निगरानी कर रहे ड्रोन को मार गिराया था। तेहरान का कहना है कि उसने ड्रोन को अपने ही क्षेत्र में मार गिराया है। जबकि वाशिंगटन का कहना है कि ऐसा अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में हुआ है।
ड्रोन को गिराए जाने के बाद ट्रंप ने एक बैठक में ईरान पर सैन्य कार्रवाई की मंजूरी दे दी थी, लेकिन अचानक उन्होंने अपना फैसला बदल लिया। ट्रंप ने ईरानी सेना के ठिकानों जैसे रडार और मिसाइल बैटरी यूनिटों पर हमले की मंजूरी दी थी। लेकिन, हमले से ठीक पहले ट्रंप ने अपने फैसले को पलट लिया।
वहीं शुक्रवार को ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने सैन्य कार्रवाई का आदेश इसलिए दिया था, क्योंकि ईरान द्वारा मानवरिह ड्रोन को गिराया गया और इससे 150 लोगों की जान जा सकती थी। ट्रंप ने तेहरान के साथ बतचीत करने का भी संकेत दिया है।
मौसवी का कहना है, "चाहे वे (अमेरिकी अधिकारी) कोई भी फैसला लें लेकिन हम इस्लामिक रिपब्लिक के क्षेत्र का उल्लंघन नहीं होने देंगे।"