ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो युद्ध का दायरा हिंद महासागर तक फैल सकता है। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स की ओर से जारी एक वीडियो में सफवी ने कहा कि संघर्ष पहले ही फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर लाल सागर तक पहुंच चुका है। ऐसे में अगर आगे भी युद्ध होता है तो इसका मोर्चा हिंद महासागर और संभवतः उससे भी आगे तक फैल सकता है।
हिंद महासागर का जिक्र क्यों?
सफवी का बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन का रणनीतिक सैन्य अड्डा डिएगो गार्सिया स्थित है। यह ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर है। ईरानी अधिकारियों ने पहले भी कहा था कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो संघर्ष का भौगोलिक दायरा बढ़ाया जा सकता है, लेकिन गुरुवार को पहली बार सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने सीधे हिंद महासागर का नाम लिया।
डिएगो गार्सिया क्यों अहम?
हिंद महासागर में स्थित यह अमेरिका-ब्रिटेन का रणनीतिक सैन्य अड्डा है और ईरान से करीब 4,000 किलोमीटर दूर है। ईरानी अधिकारी पहले भी अमेरिका के दोबारा हमले की स्थिति में युद्ध का दायरा बढ़ाने की चेतावनी दे चुके हैं।
लाल सागर और बाब-अल-मंदेब में क्या चल रहा है?
यमन में सऊदी समर्थित सरकारी बलों से लड़ रहे हूतियों ने हाल में लाल सागर के तट पर अपना नियंत्रण बढ़ाया है। इससे रणनीतिक रूप से बेहद अहम बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर उनकी पकड़ और मजबूत हुई है। यही रास्ता एशिया को स्वेज नहर के जरिए यूरोप से जोड़ता है। ईरान लंबे समय से हूतियों को सैन्य मदद देता रहा है, लेकिन वह यमन के संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल होने से इनकार करता है।
हूतियों का नियंत्रण कहां बढ़ा?
हूतियों ने हाल में लाल सागर के तट पर अपना नियंत्रण बढ़ाया है, जिससे बाब-अल-मंदेब पर उनकी पकड़ मजबूत हुई है। यह रणनीतिक जलडमरूमध्य एशिया को स्वेज नहर के रास्ते यूरोप से जोड़ता है।
ईरान ने अमेरिकी-इस्राइली हमलों के जवाब में अपने तट के पास स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। युद्ध से पहले दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस इसी रास्ते से होकर गुजरता था। अब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर टकराव है। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि अगर अमेरिकी हमले फिर शुरू होते हैं तो वह संघर्ष का दायरा और बढ़ा सकता है।
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क्या अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत चल रही है?
तनाव और चेतावनियों के बीच अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में बातचीत की है। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। इनमें उसकी अर्थव्यवस्था पर लगाए गए प्रतिबंध हटाना और विदेशों में जमा उसकी संपत्तियों को बिना शर्त जारी करना शामिल है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने मंगलवार को एएफपी से बातचीत में यमन में युद्ध खत्म करने की बात भी कही थी।
ईरान की मुख्य शर्तें क्या हैं?
ईरान ने आर्थिक प्रतिबंध हटाने और विदेशों में जमा अपनी संपत्तियों को बिना शर्त जारी करने की मांग की है। दोनों देशों के अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इस सप्ताह न्यूयॉर्क में बातचीत की है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने युद्ध खत्म करने के साथ यमन में संघर्ष समाप्त करने की बात कही है।