इंग्लैंड और वेल्स में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की ऊंची लागत का असर अब पारिवारिक रिश्तों पर भी दिखाई दे रहा है। तलाक के मामलों में तेजी आने के बजाय एक अलग तस्वीर सामने आई है जो शादियां तलाक में खत्म हो रही हैं, वे पहले की तुलना में ज्यादा लंबे समय तक चल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अलग घर बसाने का खर्च, किराया, मॉर्गेज और बच्चों की देखभाल जैसी बढ़ती लागत कई कपल्स को तलाक का फैसला टालने के लिए मजबूर कर रही है।
इंग्लैंड और वेल्स के ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स यानी ओएनएस के अनुसार 2025 में तलाक में खत्म हुई शादी की औसत अवधि 13 साल रही। 1963 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद यह सबसे लंबी अवधि है। इसके मुकाबले 1985 में यह औसत अवधि सिर्फ 8.9 साल थी। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में इंग्लैंड और वेल्स में कुल 1,05,002 तलाक दर्ज हुए। इनमें 1,02,879 विपरीत लिंग वाले दंपतियों के और 2,123 समान लिंग वाले दंपतियों के तलाक थे। ओएनएस के मुताबिक कुल तलाक की संख्या 1980, 1990 और 2000 के शुरुआती वर्षों में दर्ज चरम स्तर से कम है।ओएनएस के जनसंख्या जीवन घटनाक्रम विभाग के प्रमुख ग्रेग सीली के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में तलाक की दर अपेक्षाकृत स्थिर रही है, लेकिन अब लोग रिश्ता खत्म करने से पहले ज्यादा समय तक साथ रह रहे हैं।
अलग होने की कीमत भी बड़ी वजह
तलाक विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी एक वजह लगातार बढ़ती जीवन-यापन लागत हो सकती है। क्लार्क विलमॉट की वरिष्ठ सहयोगी रेबेका एस्टन- जोन्स के अनुसार तलाक के बाद दो अलग घर चलाने की आर्थिक जिम्मेदारी कई लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।किराया, मॉर्गेज और बच्चों की देखभाल पर बढ़ता खर्च ऐसे दंपतियों के लिए मुश्किल बढ़ा रहा है जो पहले से आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे में कुछ लोग तलाक का फैसला टाल रहे हैं और पहले मध्यस्थता या कपल्स थेरेपी जैसे विकल्प आजमा रहे हैं।
अलग होकर भी एक ही घर में रह रहे कपल्स
रिपोर्ट में एक और दिलचस्प बदलाव सामने आया है। कुछ दंपति अलग होने के बावजूद एक ही घर में रह रहे हैं। इसका कारण साझा संपत्ति और घरेलू खर्च को बनाए रखना बताया गया है।हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी स्थिति रिश्तों में तनाव को और बढ़ा सकती है। एस्टन-जोन्स ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में आर्थिक नियंत्रण या वित्तीय शोषण लोगों के लिए शादी खत्म करने का फैसला और कठिन बना सकता है।ओसबोर्न्स लॉ की तलाक विशेषज्ञ लिसा पेपर के मुताबिक तलाक आज पहले की तुलना में ज्यादा सुलभ है, फिर भी कई दंपति रिकॉर्ड लंबे समय तक शादी में बने रह रहे हैं। उनके अनुसार तलाक की आर्थिक कीमत एक ऐसा कारण हो सकती है जिसकी वजह से लोग इसे टाल रहे हैं।
तलाक से पहले रिश्ते को बचाने की कोशिश
विशेषज्ञों के मुताबिक कई कपल्स सीधे तलाक की प्रक्रिया शुरू करने के बजाय पहले रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें मध्यस्थता, काउंसलिंग और कपल्स थेरेपी जैसे विकल्प शामिल हैं।यानी इंग्लैंड और वेल्स में मौजूदा तस्वीर यह नहीं है कि महंगाई के कारण तलाक की संख्या लगातार बढ़ रही है। बल्कि उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि तलाक की कुल संख्या पिछले दशकों के चरम से कम है, जबकि तलाक में खत्म होने वाली शादियों की औसत अवधि रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञ इस बदलाव के पीछे आर्थिक दबाव को संभावित कारणों में से एक मान रहे हैं।