ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को राष्ट्रपति ने कहा कि उनके समेत ईरान के लगभग 1 करोड़ 40 लाख लोगों ने युद्ध में अपनी जान कुर्बान करने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा ये सभी लोगों स्वेच्छा से देश की रक्षा के लिए अपना बलिदान देने को तैयार हैं।
सैन्य अधिकारी ने किया दावा
राष्ट्रपति के इस बयान के साथ ही ईरान के सैन्य सूत्रों ने देश की मिसाइल ताकत को लेकर भी कई अहम जानकारियां दी हैं। फार्स न्यूज के एक संवाददाता को दिए इंटरव्यू में एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बावजूद ईरान की सभी 'मिसाइल सिटीज' (मिसाइल शहर) पूरी तरह सक्रिय हैं। इन गुप्त ठिकानों से मिसाइलें लॉन्च करने की प्रक्रिया हर दिन जारी है। अधिकारी ने दावा किया कि नई टीमों की तैनाती और सुरक्षा नियमों में बदलाव की वजह से दुश्मन के हवाई हमलों को तेजी से नाकाम किया जा रहा है।
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ईरान के पास संसाधनों और सैनिकों की कोई कमी नहीं
सैन्य सूत्रों के अनुसार, ईरान के पास संसाधनों और सैनिकों की कोई कमी नहीं है। मिसाइल यूनिट के कर्मचारियों का कौशल बढ़ाने के लिए लगातार प्रशिक्षण दी जा रही है। युद्ध के इस छोटे से समय में ही कई मिसाइल शहरों ने नई मिसाइलों को लॉन्च करने की प्रक्रिया में महारत हासिल कर ली है। पिछले एक हफ्ते में कई नए अधिकारियों को भी अलग-अलग मिसाइल शहरों में तैनात किया गया है। इन अधिकारियों ने हाल ही में अपना विशेष कोर्स पूरा किया है।
इस्राइल के दावों को बताया झूठा
इस्राइली सेना ने दावा किया था कि ईरान के पास अब केवल कुछ सौ मिसाइलें ही बची हैं। ईरान ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। सैन्य सूत्र ने कहा कि ईरान का मिसाइल भंडार बहुत बड़ा है। ईरान के केवल एक मिसाइल शहर में ही इस्राइल के दावे से तीन गुना ज्यादा मिसाइलें जमा हैं।
युद्ध के शुरुआती अनुभव से बहुत कुछ सीखा
सैन्य अधिकारी ने बताया कि ईरान ने युद्ध के शुरुआती अनुभव से बहुत कुछ सीखा है। पहले के युद्धों में नुकसान होने के बाद ईरान ने अपने उत्पादन केंद्रों को जमीन के नीचे शिफ्ट कर दिया था। शहीद रक्षा मंत्री के प्रयासों से ईरान अब मिसाइल उद्योग के लिए जरूरी सामान खुद देश में ही तैयार कर रहा है। पिछले 40 वर्षों से ईरान कड़े प्रतिबंधों के बीच भी आत्मनिर्भर होकर मिसाइलें बना रहा है। उसे मिसाइल या लॉन्चर बनाने में कोई समस्या नहीं है।
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सैन्य अधिकारी ने अंत में कहा कि इस्राइल अपनी सीमा के पास मौजूद हिजबुल्लाह की मिसाइल क्षमता को खत्म नहीं कर पाया है। ऐसे में ईरान के विशाल और फैले हुए मिसाइल नेटवर्क को रोकना उसके लिए नामुमकिन है। ईरान की मिसाइल उत्पादन प्रक्रिया को कोई भी ताकत नहीं रोक सकती।
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