West Asia Conflict: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने का कड़ा संकल्प जताया है। उन्होंने इसे पूरे देश और दुनिया के समर्थकों का ईश्वरीय मिशन बताया है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध और बड़े हमले का खतरा बहुत ज्यादा गहरा गया है।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने पिता की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। शनिवार को उन्होंने एक संदेश जारी किया। मोजतबा ने कहा कि पिता के खून का बदला लेना पूरे देश का फर्ज है। उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की इसी साल मौत हो गई थी। अमेरिका और इस्राइल ने उन पर हवाई हमले किए थे। अली खामेनेई के जनाजे में भारी भीड़ उमड़ी थी। मोजतबा ने इस भीड़ को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह भीड़ दुश्मनों को तोड़ने वाली है। उन्होंने चेतावनी दी कि हत्यारे किसी भी कीमत पर बच नहीं पाएंगे।
विज्ञापन
मोजतबा ने क्या-क्या कहा?
मोजतबा खामेनेई ने पिता के दफन के बाद संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'हम अपराधियों और बेईमान हत्यारों से आपके पवित्र खून का बदला लेने की कसम खाते हैं। हम सभी शहीदों का बदला लेंगे। यह बदला हमारे देश की इच्छा है। इसे बिना किसी चूक के पूरा किया जाएगा।' उन्होंने हमलावरों को खुली चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोग चैन से नहीं मर पाएंगे। वे शांति से मरने की हसरत लेकर ही कब्र में जाएंगे। बता दें कि पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के महीनों बाद मोजतबा ने यह चेतावनी दी है।
बदले की इस आग में जल से मोजतबा खामेनेई की पांच बड़ी बातें
पिता की मौत का बदला लेना अब किसी एक अधिकारी पर निर्भर नहीं है।
मोजतबा रहें या न रहें, दुनिया का हर स्वतंत्र व्यक्ति इस ईश्वरीय मिशन को पूरा करेगा।
ईरान के तेहरान, कौम, नजफ, करबला और मशहद जैसे शहरों में करोड़ों लोग आए।
ईरानी राष्ट्र इमाम हुसैन के मार्ग पर चलते हुए सदियों से बलिदान देता आ रहा है।
आंसू भरी आंखों और टूटे दिल के साथ पिता के दिखाए सीधे रास्ते पर चलने का संकल्प।
क्या मशहद से शुरू होगी जंग की नई इबारत?
अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार देर रात सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उन्हें मशहद की पवित्र इमाम रजा दरगाह में दफनाया गया। अंतिम संस्कार की प्रार्थना उनके सबसे बड़े बेटे मुस्तफा खामेनेई ने कराई। इस दौरान वहां हजारों समर्थक मौजूद थे। सब अपने नेता को अंतिम विदाई देने आए थे। मोजतबा ने हमले में मारे गए अन्य साथियों को भी याद किया। उन्होंने उन्हें शहीद बताया जो अचानक हुए हमले का शिकार हुए।
इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने हमले किए थे। इन हमलों में अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में भीषण संघर्ष छिड़ा हुआ है। अली खामेनेई की मौत के बाद बड़ा बदलाव हुआ। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है।