ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने ईद-उल-अजहा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई। उन्होंने आपसी सम्मान, साझा हितों और क्षेत्रीय सहयोग में भारत की भूमिका की सराहना करते हुए दोनों देशों की प्रगति की कामना की। सर्वोच्च नेता बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनका यह पहला आधिकारिक संवाद माना जा रहा है।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजी गई शुभकामनाओं के लिए उनका आभार जताया। ईरानी सूत्रों के अनुसार, सर्वोच्च नेता ने दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका का भी जिक्र किया।
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तेहरान की ओर से जारी आधिकारिक संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं का गर्मजोशी से जवाब दिया गया। इसमें भारत और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया गया। प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए अपने आधिकारिक संदेश में मोजतबा खामेनेई ने कहा, "भारत गणराज्य के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ईद-उल-अजहा के मौके पर आपका बधाई संदेश मिला।"
भारत के साथ संबंधों पर क्या बोले मोजतबा खामेनेई?
ईरान के सर्वोच्च नेता ने आगे कहा, "मैं आपका हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए आपको भी अपनी ओर से शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है कि आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हमारे दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता, हमारी दोनों सरकारों के प्रयासों से आगे भी और मजबूत तथा विस्तारित होती रहेगी। मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर से भारत सरकार और भारत की महान जनता की समृद्धि एवं निरंतर सफलता की प्रार्थना करता हूं।"
यह संवाद मोजतबा खामेनेई के ईरान के सर्वोच्च नेता बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनका पहला प्रत्यक्ष आधिकारिक संदेश माना जा रहा है। गौरतलब है कि सर्वोच्च नेता का पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। व्यापक मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी सैन्य हमलों के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत को किया आमंत्रित
यह उच्चस्तरीय संपर्क तेहरान में हाल में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बीच सामने आया है। इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था।
यह आधिकारिक निमंत्रण 86 वर्षीय अली खामेनेई के निधन के बाद एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हवाई हमले के पहले दिन अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उन्होंने 36 वर्षों तक इस्लामी गणराज्य ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी।