परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका से चल रहे तनाव के बीच ईरान ने एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। गुरुवार को ईरान ने कहा कि रिवॉल्यूशनरी गार्ड (ईरानी सेना) ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेना ने फिलहाल इसपर कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया है। कथित तौर पर आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक को मार गिराने की खबर ऐसे समय पर आई है जब अमेरिकी सेना ने ईरान पर आरोप लगाया था कि उसने पिछले हफ्ते ओमान की खाड़ी में मौजूद तेल के टैंकरों को निशाना बनाए। जिसके बाद अमेरिका ने उसपर मिसाइल से हमला किया था।
अमेरिका ने आरोप लगाया था कि ईरान ने तेल के टैंकरों पर हमला किया। जिससे ईरान ने इनकार किया है। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले एक साल से तनावपूर्ण माहौल जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से एक साल पहले परमाणु समझौता वापस ले लिया था। ईरान ने हाल ही में कहा था कि वह कम समृद्ध यूरेनियम के उत्पादन को बढ़ाएगा और उसने हथियार-ग्रेड स्तर के करीब इसके संवर्धन को बढ़ावा देने की धमकी दी थी। जिससे कि यूरोप पर 2015 डील के लिए दबाव बनाया जा सके।
हालिया हफ्तों में अमेरिका ने एक विमानवाहक पोत को मध्य पूर्व में भेजा है और इस क्षेत्र में पहले से ही 10 हजार सैनिक तैनात हैं इसके बावजूद हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की गई है। रहस्यमय हमलों ने तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया क्योंकि ईरान-सहयोगी हौती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में बम से लैस ड्रोन लॉन्च किए। इससे आशंका बढ़ गई है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष हो सकता है। ऐसा ईरान की इस्लामिक क्रांति के 40 साल बाद होगा।
ईरान के पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड जो केवल सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनी के प्रति जवाबदेह हैं, उन्होंने कहा कि गुरुवार सुबह उन्होंने एक ड्रोन को उस समय मार गिराया जब उसने ईरानी हवाई क्षेत्र में कोह्मोबाराक जिले के नजदीक प्रवेश किया। यह स्थान दक्षिण ईरान के होरमोजगान प्रांत में है। कोह्मोबाराक तेहरान से 1,200 किलोमीटर दूर है और होर्मुज के नजदीक है।