अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने इस सुलगती आग में घी डालने का काम किया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के राष्ट्रपति ने खुद उनसे संपर्क करके युद्धविराम की अपील की है। लेकिन ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा कि यह बकवास और बेबुनियाद है।
पूरी तरह झूठे और आधारहीन हैं ट्रंप के दावे- तेहरान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ट्रंप की ओर से किए जा रहे दावे पूरी तरह 'झूठे और आधारहीन' हैं। ईरान की तरफ से ऐसी कोई गुजारिश नहीं की गई है। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में दावा किया था कि ईरान के राष्ट्रपति ने उनसे सीजफायर यानी युद्धविराम के लिए अनुरोध किया है। हालांकि, हकीकत यह है कि ईरान में फिलहाल सत्ता परिवर्तन जैसी कोई चीज नहीं हुई है और वहां पुराने राष्ट्रपति ही कार्यभार संभाल रहे हैं।
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झुकने को तैयार नहीं ईरान
ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान से कहा है कि वह युद्धविराम पर विचार तभी करेंगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोला जाएगा। बहरहाल, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सार्वजनिक तौर पर मचे इस घमासान ने यह साफ कर दिया है कि कूटनीतिक स्तर पर अभी दोनों के बीच की दूरियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ईरान किसी भी हाल में झुकने को तैयार नहीं है।
'होर्मुज पर केवल ईरान-ओमान का हक'
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ से उनके सीधे संपर्क हैं, लेकिन इसे किसी बातचीत या कूटनीतिक बातचीत का नाम नहीं दिया जा सकता।
अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पानी पर केवल ईरान और ओमान का नियंत्रण है। इसके भविष्य का फैसला भी यही दोनों देश करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक हमलावर को सजा नहीं मिल जाती और ईरान को पूरा मुआवजा नहीं मिलता, तब तक यह जंग जारी रहेगी।
'अब परमाणु हथियार बनाने के काबिल नहीं बचा ईरान'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि ईरान अब परमाणु हथियार नहीं बना पाएंगे, क्योंकि वे इसे बनाने के काबिल नहीं बचे हैं। मैं वहां से अपनी पूरी फौज के साथ वापस आ जाऊंगा। लेकिन हां, अगर आगे कभी जरूरत पड़ी तो हम वहां सिर्फ 'स्पॉट हिट्स' यानी सीधे सटीक हमले करने के लिए वापस लौटेंगे। इससे पहले ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि बिना किसी समझौते के भी इस युद्ध को अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म किया जा सकता है।