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Iran-Israel Conflict: पूर्व राजनयिक केपी फैबियन बोले- ट्रंप ने चाहा तो यहीं रुक सकता है पश्चिम एशियाई संघर्ष

Mon, 08 Jun 2026 02:49 PM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

इस्राइल और ईरान के बीच बढ़े संघर्ष पर पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों देशों पर युद्ध रोकने का दबाव बना सकते हैं।  इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ने पर होर्मुज और बाब-अल-मंदेब मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। 

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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान-इस्राइल के बीच सीजफायर हुए पूरे दो महीने हुए थे। इस बीच एक बार फिर से दोनों देशों के बीच संघर्ष शुरू हो गया है। लेबनान पर हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई को मुख्य कारण बताते हुए तेहरान ने हमला बोला। इस पर इस्राइली सेना ने भी तोबड़तोड़ हवाले शुरू कर दिए हैं। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा में है। इस बयान में उन्होंने तेल अवीव को जवाबी हमला न करने की सलाह दी। बदले हालात के बीच आगे क्या हो सकता है, ट्रंप का फैसला क्या होगा? आईएएनएस के कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने दिए।

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ट्रंप ने चाह तो रुक सकती है जंग
पूर्व राजनयिक ने ट्रंप के स्टैंड को लेकर कहा, 'ईरान और इस्राइल के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई से निश्चित तौर पर तनाव बढ़ा है, लेकिन इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह कहने का अवसर भी मिल सकता है कि दोनों पक्ष जवाबी कार्रवाई कर चुके हैं। अब संघर्ष को यहीं रोक देना चाहिए।'

इस्राइल की सैन्य ताकत अमेरिका पर निर्भर
उनके अनुसार, अगर  ट्रंप इस पर जोर देते हैं, तो इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उनकी बात माननी पड़ेगी। उन्होंने तर्क दिया, 'भले ही दुनिया सोचे कि इस्राइली सेना बहुत शक्तिशाली है लेकिन एक सच ये भी है कि इस्राइल की सैन्य ताकत काफी हद तक अमेरिका के हथियारों, तकनीक और कूटनीतिक समर्थन पर निर्भर है।'
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ईरान क्या चाहता है?
लेबनान पर हिजबुल्लाह के खिलाफ इस्राइली हमले को पूर्व राजनयिक ने नए संघर्ष का कारण बताया। उन्होंने कहा, 'ईरान लंबे समय से यह कहता रहा है कि युद्धविराम सभी मोर्चों पर लागू होना चाहिए। हिजबुल्लाह और इस्राइल के बीच संघर्ष में भी यही मुद्दा रहा है। हिज्बुल्लाह की स्थिति स्पष्ट है। वह चाहता है कि दक्षिणी लेबनान से पीछे हटे और बमबारी बंद करे, तभी वह युद्धविराम पर सहमत होगा।'

वैश्विक व्यापार पर क्यों पड़ेगा असर?
फैबियन ने यह भी कहा कि ईरान ने ऐसे समय में कदम उठाया है जब ट्रंप एक कठिन सम में हैं। उनके अनुसार, क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बना हुआ है। खासकर तब जब हूती ने इस्राइल की ओर रॉकेट दागे हैं। संघर्ष से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ा है। पूर्व राजनयिक ने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष बढ़ता है। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य बंद हो जाता है, तो स्वेज नहर तक समुद्री यातायात पर इसका असर पड़ेगा। उनके अनुसार, अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब-अल-मंदेब दोनों मार्ग बाधित होते हैं, तो वैश्विक व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि एक संभावना यह है कि ट्रंप नेतन्याहू से कहें कि दोनों पक्ष जवाबी कार्रवाई कर चुके हैं और अब संघर्ष समाप्त होना चाहिए। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता, तो युद्ध जारी रह सकता है और उसके आर्थिक परिणाम पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं।

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