इस्राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक, ईरान सरकार ने देश के 51 शहरों को नागरिक सुरक्षा प्रणालियों से सुसज्जित किया है। ईरान ने ये कदम तब उठाया है जब परमाणु समझौते को लेकर प्रयास चल रहे हैं। अपने इस कदम को लेकर ईरान का कहना है कि किसी भी विदेशी हमले से बचने के लिए उसने ऐसा किया है। वहीं, ईरानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इसकी पुष्टि भी की।
ईरानी सेना के उप रक्षा मंत्री जनरल मेहदी फराही ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि वर्तमान में लड़ाई साइबर, जैविक और रेडियोधर्मी तरीकों से लड़ी जा रही है। ऐसे में जो देश ईरान के लिए संकट बन सकते हैं, उनसे बचाव के लिए हमने नागरिक सुरक्षा उपकरण तैनात किए हैं। ये उपकरण ईरान को 24 घंटे खतरों की पहचान करने और निगरानी करने में सक्षम बनाते हैं।
इससे पहले गुरुवार को ईरान ने अमेरिकी नौसेना के दो ड्रोन जब्त कर लिए थे। हालांकि पहले तो ईरान ने इससे इनकार किया था, लेकिन बाद में जब अमेरिका ने उस पर दबाव बनाया तो उसने दोनों ड्रोन को रिहा कर दिया। इस बारे में अमेरिकी नौसेना ने कहा था कि ईरान ने एक बार फिर एक अमेरिकी समुद्री ड्रोन को कुछ समय के लिए जब्त कर लिया है। नौसेना के मध्यपूर्व स्थित 5वें बेड़े के प्रवक्ता कमांडर टिमोथी हॉकिन्स ने शुक्रवार को एसोसिएटेड प्रेस को इस घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने तुरंत विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया था। ईरानी राज्य टेलीविजन ने एक जहाज के डेक पर कम से कम एक ड्रोन की तस्वीरें दिखाईं, जिसे नाविक देख रहे थे। इसने कहा कि ईरानी नौसेना के जमारान विध्वंसक को गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों में छोड़े गए कई मानव रहित जासूसी जहाज मिले थे।
राज्य टीवी ने बताया कि एक अमेरिकी विध्वंसक को संभावित घटनाओं को रोकने की दो चेतावनियों के बाद जामरान ने दो जहाजों को जब्त कर लिया। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग जलमार्ग को सुरक्षित करने के बाद नौसेना स्क्वाड्रन नंबर 84 ने जहाजों को एक सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया। यह हाल के दिनों में ईरान से जुड़ी दूसरी ऐसी घटना है, जब विश्व शक्तियों के साथ तेहरान के परमाणु समझौते पर बातचीत अधर में लटकी हुई है।