ईरान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इराक और सीरिया में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हालिया हमलों का बचाव किया। मंत्रालय ने इसे सुरक्षा खतरों को रोकने के उद्देश्य से एक सटीक और लक्षित ऑपरेशन करार दिया। इस्राइल और हमास संघर्ष के बीच ईरान के इस कदम क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है ।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी के अनुसार, हमलों ने सीरिया के इदलिब में एक आतंकवादी मुख्यालय और इराक के एरबिल में एक मोसाद-संबद्ध केंद्र को निशाना बनाया। कनानी ने ऑपरेशन की सटीकता पर जोर देते हुए कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल अपराधियों के मुख्यालय की पहचान करने और उन पर हमला करने के लिए किया गया था।
इस्लामिक रिपब्लिक ने एक सटीक और लक्षित ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करके अपराधियों के मुख्यालय की पहचान की और उन्हें निशाना बनाया। ईरानी प्रवक्ता ने दावा किया कि हमले (ईरानी) संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में और आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के रूप में किए गए थे।
कनानी ने जोर देकर कहा, ईरान हमेशा क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा का समर्थन करता है और अन्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों को रोकने के लिए अपने वैध और कानूनी अधिकार का उपयोग कर रहा है।
2017 में हुआ था हमला
इस स्थिति ने गाजा में इस्राइली सैन्य अभियान के मध्य पूर्व में पूर्ण पैमाने पर युद्ध में बदलने की संभावना के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसके संभावित विनाशकारी मानवीय, राजनीतिक और आर्थिक परिणाम होंगे। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह पहली बार नहीं है कि ईरान ने सीरिया को निशाना बनाया है, 2017 में ईरान की संसद और अयातुल्ला रुहोल्लाह खामेनेई के मकबरे पर हमले के जवाब में आईएसआईएस के ठिकानों पर इसी तरह का हमला किया गया था, लेकिन हालिया घटनाक्रम इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता को रेखांकित करता है। इदलिब में हमलों ने तुर्किस्तान इस्लामिक पार्टी के मुख्यालय को निशाना बनाया, जो इस क्षेत्र में चल रही जटिल गतिशीलता को और उजागर करता है।