भारत-रूस की नौसेनाओं का साझा अभ्यास।
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328वें रूसी नौसेना दिवस परेड समारोह में सफलतापूर्वक भागीदारी के बाद, भारतीय नौसेना के फ्रंटलाइन युद्धपोत आईएनएस तबर ने दो दिन पहले रूसी नौसेना के जहाज सोब्राजिटेलनी के साथ मैरीटाइम पार्टनरशिप एक्सरसाइज (एमपीएक्स) में हिस्सा लिया। रूसी दिवस परेड में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना का फ्रिगेट रूस की चार दिवसीय यात्रा पर 25 जुलाई को सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचा।
भारतीय नौसेना के जनसंपर्क अधिकारी कमांडर विवेक मधवाल ने बताया, आईएनएस तबर की यात्रा का उद्देश्य इस दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करना है और संबंधों को मजबूत दिशा देने के लिए नए रास्ते तलाशना है। उन्होंने बताया कि कि 328वें रूसी नौसेना दिवस परेड में भारतीय नौसेना के जहाज तबर की भागीदारी और समुद्री गश्ती अभ्यास का आयोजन भारत और रूस के बीच समुद्री सहयोग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो इस इलाके में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस नौसैनिक युद्धाभ्यास में कम्यूनिकेशन ड्रिल्स, सर्च एंड रेस्क्यू टेक्टिस जैसे महत्वपूर्ण अभ्यास भी शामिल थे। इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के जहाज प्रोफेशनलिज्म के मानदडों का परिचय दिया। बता दें, कि भारतीय नौसेना दुनियाभर की नौसेनाओं के साथ साझेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
खास बात यह है कि यह अभ्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दो सप्ताह बाद आयोजित किया गया। वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों की समीक्षा की, साथ ही आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार व्यक्त किए थे।