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श्रीलंका में महंगाई बेकाबू: लगातार दूसरे महीने मुद्रास्फीति में भारी उछाल, हर चीज के दाम आसमान पर

Sat, 22 Jan 2022 04:21 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

2020 में जैसे ही कोविड-19 महामारी फैली, सरकार ने विदेशी भंडार में कमी को रोकने के लिए आयात प्रतिबंध लगा दिए। इसके बाद से हालात बिगड़ते चले गए। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
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विस्तार
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श्रीलंका में महंगाई लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक द्वारा मापी गई श्रीलंका की मुद्रास्फीति दर दिसंबर 2021 में 11.1 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई, सरकारी सांख्यिकी कार्यालय ने एक गंभीर विदेशी मुद्रा संकट के बीच यह बात कही। श्रीलंका में लगातार दूसरे महीने मुद्रास्फीति में भारी उछाल आया है, नवंबर में पहली बार दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की गई थी।  

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लगातार दूसरे महीने दो अंकों में मुद्रास्फीति
राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार, दिसंबर में खाद्य कीमतों में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि गैर-खाद्य कीमतों में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सांख्यिकी कार्यालय ने एक बयान में कहा कि खाद्य उप-सूचकांक 12 महीनों में दिसंबर 2021 तक 21.5 प्रतिशत ऊपर था, जबकि गैर-खाद्य पदार्थों में भी 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

2020 में जैसे ही कोविड-19 महामारी फैली, सरकार ने विदेशी भंडार में कमी को रोकने के लिए आयात प्रतिबंध लगा दिए। श्रीलंका अभी भारतीय आर्थिक सहायता पर निर्भर है और ईंधन और खाद्य आयात के लिए कर्ज  उपलब्ध कराया जा रहा है।
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श्रीलंका में गंभीर विदेशी मुद्रा संकट 
श्रीलंका गिरते भंडार के साथ गंभीर विदेशी मुद्रा संकट का सामना कर रहा है। आयात के भुगतान के लिए डॉलर की कमी के कारण देश लगभग सभी आवश्यक वस्तुओं की कमी से जूझ रहा है। इसके अलावा बिजली कटौती पीक आवर्स में की जाती है क्योंकि राज्य की बिजली इकाई टर्बाइन चलाने के लिए ईंधन प्राप्त करने में असमर्थ है। राज्य ईंधन इकाई ने तेल की आपूर्ति बंद कर दी है क्योंकि बिजली बोर्ड बड़े बिलों का भुगतान नहीं कर पाई है। एकमात्र रिफाइनरी को हाल ही में बंद कर दिया गया क्योंकि वह कच्चे आयात के लिए डॉलर का भुगतान करने में असमर्थ थी।

भारत ने की मदद 
इस स्थिति में भारत ने भी अपने पड़ोसी देश श्रीलंका को 90 करोड़ डॉलर से अधिक का कर्ज देने की घोषणा की थी। इससे देश को विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने और खाद्य आयात में मदद मिलेगी।

 

 

 

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