इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 77 हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि जयापुरा जिला के गावों में बाढ़ और भूस्खलन होने के बाद 116 लोग घायल हो गए हैं जिनमें से 41 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अधिकारी ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि अभी भी कई लोग लापता हैं।
राष्ट्रीय राहत एजेंसी के प्रवक्ता पुर्वो नुग्रोहो ने बताया कि देश के आपदा विभाग के कर्मचारी बाढ़ में लापता हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। इस आपदा में 4,000 से ज्यादा लोगों को उनके घरों से हटाकर ऊंचे स्थानों पर मौजूद शिविरों में ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि यह बाढ़ संभवत: भूस्खलन के कारण आई है। हालांकि बाढ़ का पानी कुछ कम हुआ है लेकिन अभी भी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की चुनौती बरकरार है। नुग्रोहो के मुताबिक पूरे इलाके में पेड़ गिरने, चट्टानों, कीचड़ और अन्य कई कारणों से बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों में नहीं ले जाया जा पा रहा है।
जानकारी के मुताबिक नदी के ऊपर भूस्खलन होने से नदी में मिट्टी इकट्ठी हो गई थी, जिससे पानी का बहाव रुक गया था। बता दें कि इंडोनेशिया में आमतौर पर अक्टूबर से अप्रैल के बीच आपदा के हालात पैदा होते हैं। गत जनवरी में देश के सुलावेसी द्वीप पर बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई थी।
जाको राखे सांईयां...
इंडोनेशिया में बचाव दल के अधिकारियों ने सोमवार को एक घर के मलबे में फंसे बच्चे को उसके पिता से मिला दिया गया। पांच माह का यह बच्चा जिंदा बच गया है जबकि उसकी मां और भाई-बहन उत्तर-पूर्वी शहर सेंटानी में मृत पाए गए। पापुआ के सैन्य प्रवस्ता मुहम्मद ऐदी ने कहा कि हम बच्चे को अस्पताल ले गए और उसका इलाज भी करवाया।