अमेरिका के एरिजोना में अपनी प्रेमिका की हत्या के आरोपी भारतीय छात्र को जर्मनी में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हत्या के बाद अमेरिका से भारत भागने की कोशिश कर रहा था। वह जर्मनी पहुंचा, लेकिन वहां से आगे की उड़ान लेने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 20 वर्षीय वरुण बाचिगरी एरिजोना विश्वविद्यालय में बिजनेस एनालिटिक्स का छात्र था। उस पर 19 वर्षीय जुलिसा रूबी सालाजार की हत्या का आरोप है। पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त को टक्सन स्थित एक अपार्टमेंट में सालाजार की हत्या की गई थी।
हत्या के बाद भारत भागने की कोशिश
टक्सन पुलिस विभाग के अनुसार, हत्या के बाद बाचिगरी टक्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा। उसने जर्मनी की उड़ान पकड़ी थी और वहां से भारत जाने की योजना थी। इसी बीच जांचकर्ताओं ने उसके खिलाफ पहले दर्जे की हत्या और अपहरण के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। टक्सन पुलिस, एफबीआई के टक्सन कार्यालय और बर्लिन स्थित एफबीआई लीगल अटैचे कार्यालय के बीच समन्वय के बाद जर्मनी में उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, जर्मनी पहुंचते ही बाचिगरी को हिरासत में ले लिया गया और वह आगे भारत के लिए यात्रा नहीं कर सका।
गर्लफ्रेंड बनकर मां को भेजे मैसेज
जांच में पुलिस को पता चला कि हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर सालाजार का मोबाइल फोन और क्रेडिट कार्ड अपने पास रख लिए थे। इसके बाद उसने सालाजार की मां को कई मैसेज भेजे। पुलिस का आरोप है कि उसने सालाजार बनकर ये संदेश भेजे, ताकि परिवार को लगे कि वह जीवित है और हत्या की जानकारी छिपाई जा सके। इन संदेशों से सालाजार के परिवार को संदेह हुआ। परिवार की चिंता के बाद पुलिस ने उसके अपार्टमेंट में जाकर हालचाल जानने के लिए जांच की। वहां अधिकारियों को सालाजार का शव मिला।
गर्दन पर मिले गला दबाने के निशान
स्थानीय मीडिया के अनुसार, 6 अगस्त की शाम करीब चार बजे टक्सन फायर डिपार्टमेंट को अपार्टमेंट में कार्डियक अरेस्ट की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची टीम ने सालाजार को फर्श पर मृत पाया। उसके शरीर पर एक कंबल गर्दन तक खींचा हुआ था। फायर विभाग के कर्मचारियों ने उसके गले पर गला दबाने के निशान और खरोंचें देखीं। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की हत्या के रूप में जांच शुरू की।
पहले भी हिंसक व्यवहार के आरोप
गिरफ्तारी वारंट में आरोपी के खिलाफ पहले के हिंसक व्यवहार से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, बाचिगरी के खिलाफ पहले यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना पुलिस विभाग ने एक मारपीट के मामले की जांच की थी। पुलिस से बातचीत में कुछ गवाहों ने बताया कि सालाजार ने 2025 के आखिर में बाचिगरी के साथ समस्याओं के बाद उससे अलग रहना शुरू कर दिया था। वह कथित तौर पर यह रिश्ता खत्म करना चाहती थी। गवाहों ने उसके साथ आरोपी के कथित घरेलू हिंसक व्यवहार का भी जिक्र किया। वारंट में कई गवाहों के ऐसे बयान शामिल हैं, जिनमें बाचिगरी के कथित हिंसक व्यवहार का आरोप लगाया गया है। एक महिला ने जांचकर्ताओं को बताया कि एक हैलोवीन पार्टी के दौरान बाचिगरी ने उसके साथ कथित तौर पर यौन हमला किया था। हालांकि, उसने उस समय इस मामले की शिकायत पुलिस में नहीं की थी।
यूनिवर्सिटी से निकाले जाने की भी रिपोर्ट
फेडरल रिकॉर्ड के मुताबिक, हत्या के समय बाचिगरी का अमेरिका में इमिग्रेशन स्टेटस वैध था। हालांकि, रिपोर्टों में कहा गया है कि उसे एरिजोना विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जा चुका था। फिलहाल बाचिगरी जर्मनी में हिरासत में है। उसे अमेरिका के एरिजोना प्रत्यर्पित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्रत्यर्पण के बाद उसे पिमा काउंटी एडल्ट डिटेंशन कॉम्प्लेक्स में रखा जाएगा, जहां उसके खिलाफ जारी वारंट के आधार पर कानूनी कार्रवाई होगी।