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ईरान की सत्ता में बड़ा फेरबदल: पूर्व IRGC प्रमुख को मिली अहम जिम्मेदारी; युद्ध के बीच क्यों बदली रणनीति?

Mon, 10 Aug 2026 07:32 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

Former IRGC Chief Gets Key Role: ईरान ने अपने शीर्ष सुरक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व आईआरजीसी प्रमुख मोहसेन रजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब ईरान अमेरिका-इस्राइल के साथ युद्ध और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। रजाई के अनुभव को देखते हुए क्या यह बदलाव ईरान की सुरक्षा रणनीति को और सख्त बनाने का संकेत है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
 
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मोजतबा खामेनेई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ईरान ने अपने सुरक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पूर्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी प्रमुख मोहसेन रजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है। रजाई ने मोहम्मद बाकिर जुलघद्र की जगह ली है। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब ईरान अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी संघर्ष, सैन्य दबाव और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। रजाई के पास सैन्य और सुरक्षा मामलों का लंबा अनुभव है।

रजाई के पास कितना सैन्य और सुरक्षा अनुभव है?

मोहसेन रजाई ईरान के आईआरजीसी के पूर्व प्रमुख रहे हैं। उन्होंने 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध में सैन्य कमांडर के तौर पर भी भूमिका निभाई थी। ईरान में उस युद्ध को ‘पवित्र रक्षा’ के नाम से जाना जाता है। रजाई फिलहाल एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य भी हैं। यह संस्था संसद और गार्जियन काउंसिल के बीच मतभेदों को सुलझाने का काम करती है। उनकी नियुक्ति ऐसे व्यक्ति को सुरक्षा परिषद में लाती है, जिसके पास सैन्य और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों का अनुभव है।

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मोहम्मद बाकिर जुलघद्र को हटाकर क्या नई जिम्मेदारी दी गई?

मोहसेन रजाई से पहले सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि की जिम्मेदारी मोहम्मद बाकिर जुलघद्र के पास थी। अब उन्हें मोजतबा खामेनेई ने अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया है। नियुक्ति आदेश में उनके अनुभव और कार्यों की सराहना की गई है। इससे साफ है कि जुलघद्र को पूरी तरह व्यवस्था से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इससे ईरान के शीर्ष नेतृत्व में सुरक्षा और राजनीतिक मामलों की जिम्मेदारियों में बदलाव दिखाई देता है।

ईरान के राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेता के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

ईरानी सरकारी प्रसारक के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की। बैठक में देश के सैन्य और आर्थिक मामलों पर चर्चा हुई। इसमें आम लोगों की जरूरतें, अमेरिका-इस्राइल के साथ जारी युद्ध की स्थिति, सैन्य घटनाक्रम और भविष्य की रणनीति शामिल रही। इसके अलावा ईरानी मुद्रा रियाल, विदेशी मुद्रा, ऊर्जा खर्च और संसाधनों के प्रबंधन पर भी बातचीत हुई। विदेशी देशों के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर क्या स्थिति सामने आई?

मोजतबा खामेनेई की सेहत और सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। इनपुट के अनुसार, इस्राइली मीडिया में उनके बेहद गंभीर हालत में होने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने एक पुराना वीडियो जारी किया, जिसमें मोजतबा खामेनेई स्वस्थ दिखाई दे रहे थे। उनके सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण उनकी स्थिति को लेकर अटकलें जारी रही हैं। इसी बीच राष्ट्रपति पेजेशकियन के साथ उनकी बैठक की जानकारी सामने आना ईरान के मौजूदा नेतृत्व और सत्ता तंत्र के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

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