भारतीय रेस्तरां मैनेजर विग्नेश पट्टाभिरामन (36) की हत्या के लिए पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति शाजेब खालिद (25) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उसकी हत्या दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड के रीडिंग में इस साल 14 फरवरी को साइकिल से घर जाते समय एक कार से टक्कर मारकर की गई थी। विग्नेश अपनी पत्नी के साथ नौकरी के लिए ब्रिटेन गए थे।
पिछले महीने रीडिंग क्राउन कोर्ट ने खालिद को हत्या का दोषी पाया था। पुलिस को जांच में पता चला था कि खालिद पट्टाभिरामन की हत्या रंजिश में की गई थी। उनकी हत्या इस गलत धारणा पर की गई थी कि उन्होंने अवैध आप्रवासियों को रोजगार की जांच के लिए विभागीय अधिकारियों को उकसाया था। विग्नेश 14 फरवरी को रीडिंग में भारतीय रेस्तरां वेल में अपने कार्यस्थल से साइकिल चलाकर घर वापस आ रहे थे। इसी दौरान एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। सिर में चोट लगने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। खालिद को 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था और उस पर हत्या का आरोप लगाया गया था।
त्या की जांच कर रही टेम्स वैली पुलिस ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम से पता चला कि पट्टाभिरामन की मौत टक्कर के बाद सिर में चोट लगने से हुई थी। वरिष्ठ जांच अधिकारी स्टुअर्ट ब्रैंगविन ने कहा कि जजों ने खालिद को हत्या का दोषी पाया है। खालिद का इरादा उस शाम विग्नेश को नुकसान पहुंचाने का था। उन्होंने चोरी की गई रेंज रोवर कार से घटना को अंजाम दिया।
वहीं पट्टाभिरामन की मौत वाली शाम को खालिद और हुसैन के बीच कई बार बातचीत भी हुई। इससे साफ है कि हुसैन को हत्या की जानकारी थी। उसने खालिद की मदद की। विग्नेश की मौत ने उनके परिवार को तबाह कर दिया है। इस फैसले से उन्हें मदद मिलेगी।
पट्टाभिरामन के दोस्तों और परिवार ने विग्नेश की दुखी पत्नी राम्या की मदद के लिए ऑनलाइन स्थापित जस्ट गिविंग चैरिटी पहल के जरिये 52,500 ग्रेट ब्रिटिश पांउड से अधिक जुटा लिया है। एक परिजन ने श्रद्धांजलि में कहा कि विग्नेश रेस्टोरेंट वेल में प्रबंधक थे। जहां उन्होंने अपने काम में अपना दिल और आत्मा लगा दी। अपने असाधारण गर्मजोशी भरे स्वभाव, ग्राहक सेवा और कार्य नैतिकता के लिए उनकी अलग पहचान थी। होटल उद्योग में एक वरिष्ठ प्रबंधन पद तक पहुंचने का उनका सपना पूरा हो गया था। हयात रीजेंसी मेफेयर लंदन में उनको जॉब मिलने वाली थी।
कहा गया कि पट्टाभिरामन ने अपनी पत्नी राम्या के साथ समय बिताने और यूके में उज्ज्वल भविष्य के लिए काफी सपने संजोए थे। इस मूर्खतापूर्ण घटना से उनके सपने चकनाचूर हो गए और खालीपन आ गया जिसे भरा नहीं जा सकता।