ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल्वरहैंपटन क्राउन कोर्ट ने 33 साल के भारतीय जोशपाल सिंह कोथिरिया को तस्करी का दोषी ठहराया है। जोशपाल पर आरोप है कि ड्रग्स तस्करी गिरोह के सदस्यों में शामिल था। जोशपाल नीदरलैंड से इंग्लैंड और आयरलैंड से कोकीन-भांग की तस्करी करता था।
भारतीय मूल के युवक को इंग्लैंड की एक कोर्ट ने दोषी माना है। भारतीय पर आरोप है कि वह ड्रग तस्कर गिरोह का सदस्य था। कोर्ट का कहना है कि वह अब अगली सुनवाई में आरोपी को सजा सुनाएगी।
जानिए, क्या है पूरा मामला
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ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल्वरहैंपटन क्राउन कोर्ट ने 33 साल के भारतीय जोशपाल सिंह कोथिरिया को तस्करी का दोषी ठहराया है। जोशपाल पर आरोप है कि ड्रग्स तस्करी गिरोह के सदस्यों में शामिल था। जोशपाल नीदरलैंड से इंग्लैंड और आयरलैंड से कोकीन-भांग की तस्करी करता था। इंग्लैंड की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी ने तस्करी के आरोप में जोशपाल को गिरफ्तार किया था। भारतीय वॉल्वरहैम्प्टन में एक ड्राइवर के रूप में काम करता था।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
जांच एजेंसी के अधिकारी मिक पोप का कहना है कि ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए ऑपरेशन चलाया गया था। पोप ने आगे बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए हम 2021 से नजर बनाए हुए थे। एंथनी टोरी नाम के आरोपी ने ड्रग्स देश में मंगवाने के लिए ऑर्डर दिया था, जिस पर हमारी निगाहें थी। जैसे ही ड्रग्स उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट बंदरगाह पर पहुंचा तो वैसे ही हमारी टीम ने कोकीन को जब्त कर लिया। जब्त माल की कीमत 1.6 मिलियन ब्रिटिश पाउंड थी।
टीम ने सभी आरोपियों को पकड़ा
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अधिकारी ने बताया कि मामले में आरोपी माइकल कॉलिस और जोशपाल कोथिरिया को मार्च 2021 में गिरफ्तार किया था। वहीं एक दूसरे आरोपी मोहम्मद उमर खान को टीम ने दिसंबर 2020 में ही पकड़ लिया था। एंथनी टोरी को बेलफास्ट कोकीन मामले में 18 साल की जेल की सजा नवंबर 2022 को सुनाई गई थी। कॉलिस को एक महीने पहले कोर्ट ने दोषी माना था। जोशपाल को वॉल्वरहैंपटन क्राउन कोर्ट ने तस्करी मामले में दोषी माना है। हालांकि, कोर्ट ने सजा के लिए अगली तारीख तय की है।