अमेरिका में भारतीय मूल के एक इंजीनियर पर धोखाधड़ी कर कोरोना वायरस राहत कार्यक्रम के तहत एक करोड़ डॉलर से अधिक की धनराशि मांगने का आरोप लगाया गया है। ऐसा आरोप है कि शशांक राय ने कोरोना वायरस सहायता, राहत और आर्थिक सुरक्षा कानून के तहत छोटे उद्योगों के लिए निर्धारित सहायता राशि के तौर पर दो अलग बैंकों से लाखों डॉलर यह दावा करते हुए मांगे कि उसके यहां 250 कर्मचारी वेतन पाते हैं जबकि असल में उसके कथित कारोबार में कोई कर्मचारी नहीं था।
टेक्सास में रहने वाले राय पर बैंक धोखाधड़ी, किसी वित्तीय संस्थान को झूठे बयान देने और एसबीए को झूठे बयान देने का आरोप लगाया गया है। बीउमोंट में अमेरिकी जिला अदालत में बुधवार को पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार राय ने दो अलग-अलग बैंकों से झूठे दावे कर धनराशि मांगी।
अदालत के दस्तावेजों के अनुसार टेक्सास कार्यबल आयोग ने जांचकर्ताओं को सूचना मुहैया कराई कि उनके पास राय या उसकी कथित कंपनी राय फैमिली एलएलसी द्वारा 2020 में कर्मचारियों को वेतन देने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।