श्रीलंका में भारत के नवनियुक्त उच्चायुक्त गोपाल बागले
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श्रीलंका में भारत के नवनियुक्त उच्चायुक्त गोपाल बागले ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने दस्तावेज सौंपे। बागले ने कहा, 'यह दस्तावेज सौंपने का एक नया और अभिनव तरीका है। यह चुनौतियों को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को दर्शाता है। मैं वर्तमान में इंडिया हाउस आने के बाद निर्धारित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन कर रहा हूं, इसलिए मैं राष्ट्रपति कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो सकता था।'
उन्होंने कहा, 'चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग भारत के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है जिससे विकास के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा सके और हमारे समय की चुनौतियों का समाधान हो सके। उच्चायुक्त ने भरोसा दिलाया कि वह भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए 'निष्ठापूर्वक' काम करेंगे। जो दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र में निकटतम समुद्री पड़ोसी हैं, मैं उनके रिश्तों को और भी अधिक ऊंचाइयों तक ले जाऊंगा।'
उच्चायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समारोह की व्यवस्था करने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया और बताया कि आज की नई पहल दोनों देशों के पारंपरिक रूप से अनुकूल और बहुआयामी संबंधों के महत्व को रेखांकित करती है। उन्होंने चुनौतियों का सामना करने में श्रीलंका के साथ मिलकर काम करना जारी रखने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
जारी बयान के अनुसार बैठक के दौरान उच्चायुक्त ने बताया कि भारत ने पिछले कुछ हफ्तों में कोविड-19 महामारी के दौरान श्रीलंका में 25 टन से अधिक आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की चार खेप भेजी हैं। उच्चायुक्त शुक्रवार आठ मई को भारतीय वायुसेना के परिवहन विमान से श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे। विमान से भारत सरकार की दोस्ती के प्रतीक के रूप में 12.5 टन आवश्यक दवाइयां और चिकित्सा वस्तुएं भी भेजी गईं।
बागले 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। फरवरी में उनकी नियुक्ति श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त के तौर पर हुई थी। इससे पहले तरणजीत सिंह संधू यह पदभार संभाल रहे थे। उन्हें अब अमेरिका में भारतीय राजदूत नियुक्त किया गया है। बागले कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से अब तक अपना पदभार नहीं संभाल पाए थे।