40 वर्षीय हरमन बांगड और उनकी पत्नी नीना कुमारी 38 को वोल्वरहम्पटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछले सप्ताह दोषी ठहराया। उन्हें इसी कोर्ट द्वारा 14 जनवरी 2022 को सजा सुनाई जाएगी। कोर्ट ने पाया कि पूर्व स्थानीय पार्षद बांगड ने वोल्वरहम्पटन सिटी काउंसिल की कोविड-19 ऋण योजना के क्रियान्वयन में धोखाधड़ी की। क्रॉउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने कहा कि एक भरोसेमंद चुनाव अधिकारी हरमन बांगड ने पत्नी नीना कुमारी के साथ मिलकर अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने यह धोखाधड़ी ऐसे वक्त की जब देश राष्ट्रीय संकट से जूझ रहा था।
सीपीएस के धोखाधड़ी मामलों की विशेषज्ञ वेंडी स्टीवंस ने कहा कि बांगड़ को कोविड-19 बिजनेस सपोर्ट स्कीम्स की पात्रता की अच्छी समझ थी। इसके आधार पर उन्होंने एक बिजनेस का दावा करते हुए सिस्टम को धोखा देने की कोशिश की, जबकि इस दंपती को इस योजना का लाभ लेने की पात्रता नहीं थी।