नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी का म्यांमार में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया गया। इसके साथ ही उन्होंने फ्रिगेट यूएमएस क्यान सित थार पर जाकर वहां की नौसैनिक क्षमता और स्वदेशी निर्माण व्यवस्था की जानकारी ली। दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। पढ़िए रिपोर्ट-
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने अपनी म्यांमार यात्रा दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दिया। उनका यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के मकसद से अहम माना जा रहा है। इस दौरान उन्होंने म्यांमार नौसेना के फ्रिगेट यूएमएस क्यान सित थार पर सवार होकर वहां की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता और नौसेना बेड़े की ताकत के बारे में जानकारी ली।
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नौसेना ने बयान में क्या कहा?
भारतीय नौसेना ने एक्स पर लिखा, म्यांमार की यात्रा के हिस्से के रूप में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने 2 मई 2026 को म्यांमार नौसेना के फ्रिगेट यूएमएस क्यान सित थार (एफ12) पर सवार हुए। इस दौरान सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका स्वागत किया गया। जहाज पर उनकी अगवानी कैप्टन क्याव थेत नाइंग ने की, जो म्यांमार नौसेना के नंबर-1 फ्लीट कमांडर हैं।
म्यांमार नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता का किया अवलोकन
यात्रा के दौरान नौसेना प्रमुख को म्यांमार नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बेड़े की क्षमताओं और कामकाज का भी विस्तार से परिचय कराया गया। इस बातचीत में दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग पर भी चर्चा हुई।
समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर चर्चा
भारतीय नौसेना ने कहा, दोनों नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर भी बात हुई। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच साझा समुद्री सुरक्षा और बेहतर तालमेल को और मजबूत करना है।