यूएई पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है, हालांकि उसकी हालत अब सुरक्षित बताई गई है। भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में है और मदद दे रहा है। हमलों में तीन लोगों की मौत और 58 लोग घायल हुए हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में एक भारतीय नागरिक भी घायल हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि भारतीय नागरिक को मामूली चोटें आई हैं और उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद भारत सरकार और भारतीय दूतावास तुरंत सक्रिय हो गए हैं।
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भारतीय नागरिक की हालत कैसी है?
अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि हमले में घायल भारतीय नागरिक अस्पताल में उपचार के बाद सुरक्षित है। दूतावास लगातार अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। मिशन ने कहा कि घायल भारतीय को हर संभव सहायता दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यूएई में हमले में कितना नुकसान हुआ?
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान द्वारा किए गए हमलों में तीन लोगों की मौत हुई जबकि कुल 58 लोग मामूली रूप से घायल हुए। घायलों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी है। हमलों के दौरान कई जगहों पर मलबा गिरने और विस्फोटों से संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
कितने मिसाइल और ड्रोन दागे गए?
यूएई सेना ने बताया कि ईरान की ओर से बड़े पैमाने पर हमले किए गए। अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइल, दो क्रूज मिसाइल और 541 ड्रोन दागे गए। इनमें से 506 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, जबकि 35 ड्रोन देश के भीतर गिरने से सीमित नुकसान हुआ। सुरक्षा एजेंसियां लगातार हवाई हमलों को रोकने में जुटी रहीं।
हमले की वजह और क्षेत्रीय तनाव
ईरान ने यह हमला अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और तेज हो गया है। ईरान का कहना है कि वह मुख्य रूप से अमेरिकी और इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है, लेकिन खाड़ी देशों में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
भारत की प्राथमिकता क्या है?
भारत सरकार की प्राथमिकता पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा बनी हुई है। यूएई समेत खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। ऐसे में भारत स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मदद या निकासी योजना भी तैयार रखी गई है।