सिंगापुर में एक भारतीय नागरिक पर यहां की एक जिला अदालत में दो बीमा कंपनियों को दो विदेशी श्रमिकों के चोट दावों से जुड़ी निपटान राशि में लगभग 77,000 एसजीडी (सिंगापुर डॉलर) वितरित करने में धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि 48 वर्षीय साहा रंजीत चंद्रा ने कथित तौर पर बीमा कंपनियों को यह विश्वास दिलाकर धोखा दिया कि वे कानूनी पेशा अधिनियम के तहत व्हाइटफील्ड लॉ कॉरपोरेशन के एक अधिकृत व्यक्ति के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस अपराध के लिए अदालत ने मंगलवार को उन पर धोखाधड़ी के दो आरोप लगाए। बयान में कहा गया है कि अगर चंद्रा को दोषी ठहराया जाता है, तो प्रत्येक आरोप के संबंध में कारावास की सजा हो सकती है, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
चंद्रा कई फर्मों में निदेशक हैं। उन्होंने जुलाई 2020 और फरवरी 2021 के बीच कथित तौर पर व्हाइटफील्ड लॉ कॉरपोरेशन के तत्कालीन निदेशक, वकील चार्ल्स येओ याओ हुई (Yeo Yao Hui) के नाम पर बीमा कंपनियों के साथ चोट के दावों पर बातचीत की थी और निपटान किया था। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, 2022 से चार्ल्स फरार है। चार्ल्स के खिलाफ अगस्त 2022 में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जब वह अपने खिलाफ लंबित आपराधिक आरोपों के साथ फरार हो गया था।
साहा पर 15 जनवरी, 2022 को एक लोक सेवक, कानून मंत्रालय के रजिस्ट्रार ऑफ रेगुलेटेड डीलर्स को गलत जानकारी देने का भी आरोप है। वह कथित तौर पर रॉयल ज्वैलरी नामक कंपनी की ओर से कीमती पत्थरों और कीमती धातुओं के डीलर लाइसेंस के लिए अपने आवेदन में यह घोषित करने में विफल रहे कि उस समय सिंगापुर में उनके खिलाफ जांच चल रही थी। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, साहा ऐसी घोषणा करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य थे। इस मामले में यदि उन्हें दोषी ठहराया जाता है, तो कारावास की अवधि छह महीने तक बढ़ सकती है और जुर्माना 5,000 एसजीडी तक बढ़ सकता है, या दोनों लागू हो सकते हैं।